:: शहर के चारों जोनों में तैनात हुईं ड्रोन टीमें; नो पार्किंग और रॉन्ग साइड चलने वालों की खैर नहीं :: इंदौर (ईएमएस)। शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए इंदौर पुलिस अब आसमान से पैनी नजर रख रही है। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन में यातायात पुलिस ने आधुनिक तकनीक का दायरा बढ़ाते हुए ड्रोन सर्विलांस को अपना मुख्य हथियार बनाया है। पिछले महज 13 दिनों के भीतर ड्रोन से मिले सटीक इनपुट के आधार पर नियमों का उल्लंघन करने वाले 1600 वाहन चालकों के विरुद्ध मौके पर ही प्रभावी चालानी कार्रवाई की गई है। इसमें मुख्य रूप से नो-पार्किंग, संकेत उल्लंघन और गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में वाहन चलाने वाले चालक शामिल हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर.के. सिंह और पुलिस उपायुक्त (यातायात) राजेश कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में यातायात के चारों जोनों के लिए अलग-अलग विशेषज्ञ ड्रोन टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें विशेष रूप से पिक ऑवर्स यानी भीड़भाड़ वाले समय के दौरान शहर के प्रमुख चौराहों और मुख्य मार्गों पर तैनात रहकर आसमान से निगरानी कर रही हैं। ड्रोन के माध्यम से नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों को चिन्हित कर तत्काल वायरलेस के जरिए मौके पर तैनात ग्राउंड टीम को सूचना दी जा रही है, जिससे कार्रवाई में पारदर्शिता और तेजी आई है। :: राजवाड़ा से विजयनगर तक हाईटेक घेराबंदी :: पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में ड्रोन टीमों ने शहर के विभिन्न व्यस्ततम हिस्सों में सक्रियता बढ़ा दी है। पहली टीम राजवाड़ा, जवाहर मार्ग, खजूरी बाजार और सराफा जैसे संकरे व भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की कमान संभाल रही है। दूसरी टीम संजय सेतु, फ्रूट मार्केट, नंदलालपुरा और मृगनयनी क्षेत्र में मोर्चा संभाले हुए है। तीसरी टीम नवलखा, गीताभवन, पलासिया, एमजी रोड और इंडस्ट्री हाउस जैसे मुख्य मार्गों पर नजर रख रही है, जबकि चौथी टीम को स्टार चौराहा, रेडिसन, रसोमा और विजयनगर जैसे प्रमुख जंक्शंस की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। :: आसमानी मुनादी से सुधरेगी चाल :: ड्रोन तकनीक का उपयोग केवल चालान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इनमें लगे पीए सिस्टम के जरिए नियम तोड़ने वालों को मौके पर ही टोककर जागरूक भी किया जा रहा है। सर्विलांस के दौरान जहां कहीं भी यातायात बाधित पाया जाता है, ड्रोन टीम तत्काल कंट्रोल रूम को वस्तुस्थिति से अवगत कराती है। इसके तुरंत बाद नजदीकी ट्रैफिक पॉइंट से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर जाम को सुचारू कराते हैं। यातायात विभाग का मानना है कि आगामी समय में भी प्रमुख मार्गों और चौराहों को चिन्हित कर यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। प्रकाश/19 अप्रैल 2026