देहरादून (ईएमएस)। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बाॅबी पंवार ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र को संविधान की पांचवीं अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग केंद्र व राज्य सरकार से की है। यहां परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि गढवाल कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों के ऐतिहासिक दस्तावेज, प्रशासनिक व्यवस्था, जनजातीय दर्जे के पात्र, देवी देवता की आस्था, परंपरागत उत्तराधिकार, मेले और त्योहार, भू कानून रोेजगार, भूमिहीन किसानों को भूमि, महिला सुरक्षा, शराबबंदी, मजबूत ग्राम सभा, भाषा एवं संस्कृति का संरक्षण, वन्य जीव प्रबंधन, परिसीमन, रिवर्स पलायन आदि को पांचवीं अनुसूची कर लागू करने से स्थानीय अर्थ व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों की अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र और राज्य सरकार से उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों को संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत शामिल करने की पुरजोर मांग की है। पंवार का तर्क है कि राज्य के विशेष भौगोलिक और सांस्कृतिक स्वरूप को संरक्षित करने के लिए यह संवैधानिक सुरक्षा कवच अत्यंत आवश्यक है। पंवार ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड का गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। पांचवीं अनुसूची लागू होने से स्थानीय स्तर पर कई समस्याओं का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके तहत प्रभावी भू-कानून लागू करना आसान होगा, जिससे बाहरी लोगों द्वारा भूमि अतिक्रमण पर रोक लगेगी और स्थानीय भूमिहीन किसानों को भूमि के अधिकार मिल सकेंगे। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/18 अप्रैल 2026