राज्य
18-Apr-2026


सिरोंज (ईममएस)। क्षेत्र के ग्राम जैतपुर में अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर वर्षों पुरानी एक अनोखी और जनहितकारी परंपरा आज भी पूरे श्रद्धाभाव से निभाई जाती है। यहां पैरों में होने वाली चाई (फुट कॉर्न) की पारंपरिक दवा लोगों को निःशुल्क पिलाई जाती है। इस अवसर पर आसपास के गांवों ही नहीं, बल्कि दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।चाई या फुट कॉर्न त्वचा की मोटी परत होती है, जो लगातार घर्षण, दबाव और रगड़ के कारण पैरों के तलवों, उंगलियों या आसपास के हिस्सों में बन जाती है। इसके कारण चलने-फिरने में दर्द और असुविधा होती है। ग्रामीण क्षेत्र में जैतपुर की यह पारंपरिक दवा लंबे समय से लोगों के बीच विश्वास और उम्मीद का केंद्र बनी हुई है।समाजसेवी सुजीत कुशवाह ने बताया कि यह दवा गांव के हनुमान जी मंदिर पर श्रद्धा, सेवा भाव और विधि-विधान के साथ पिलाई जाती है। इस आयोजन की सबसे विशेष बात यह है कि यहां आने वाले लोगों को नशा मुक्ति का संदेश भी दिया जाता है। तंबाकू, जर्दा और अन्य नशीले पदार्थ छोड़ने का संकल्प कराया जाता है तथा जीवनभर नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी जाती है।उन्होंने बताया कि जिन लोगों को इस पारंपरिक उपचार से लाभ मिला, वे हर वर्ष पुनः यहां पहुंचते हैं और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास इस समस्या से पीड़ित लोगों को भी साथ लेकर आते हैं। यही कारण है कि इस परंपरा के प्रति लोगों की आस्था निरंतर बढ़ती जा रही है।यह सेवा परंपरा उनके परिवार में पीढ़ियों से चली आ रही है। पहले स्वर्गीय कालूराम जी, उसके बाद स्वर्गीय पूरन सिंह जी इस दवा को तैयार करते थे। वर्तमान में यह जिम्मेदारी खुमान सिंह जी निभा रहे हैं और परिवार इस सेवा कार्य को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।परिवार का कहना है कि लोगों के दुख-दर्द में सहयोग कर उन्हें राहत देना ही उनके लिए सबसे बड़ा पुण्य और संतोष है। सामाजिक कार्यों में भी उनका परिवार सदैव अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति 8602257141 पर संपर्क कर सकते हैं। आस्था, परंपरा, जनसेवा और नशामुक्ति का संदेश देने वाला जैतपुर का यह आयोजन क्षेत्र में मानव सेवा की प्रेरणादायक मिसाल बन चुका है। ईएमएस/सलमान खान/ 18 अप्रैल 2026