नई दिल्ली (ईएमएस)। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक के गिरने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने अपने स्वार्थ के चलते इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित नहीं होने दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बिल के गिरने से उन्हें गहरा दुख हुआ है और देश की नारी शक्ति इस पूरी घटना को देख रही है। उनके मुताबिक, यह केवल एक विधेयक का मुद्दा नहीं था, बल्कि महिलाओं के सपनों और उनकी उन्नति से जुड़ा विषय था। महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी। सदन में कुल 528 वोट पड़े, जिनमें से 298 वोट इसके पक्ष में आए। जबकि इसे पास होने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। इस तरह 54 वोटों की कमी के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब यह विधेयक गिरा, उस समय कुछ विपक्षी दलों के सांसद तालियां बजा रहे थे। उन्होंने इसे महिलाओं के आत्मसम्मान पर चोट बताते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि नारी गरिमा के खिलाफ व्यवहार था। ने देश की सभी महिलाओं से क्षमा याचना करते हुए कहा कि सरकार ने पूरी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। उन्होंने यह भी कहा कि जब दलगत राजनीति, देशहित से ऊपर आ जाती है, तो उसका नुकसान पूरे समाज को उठाना पड़ता है। मोदी ने कहा, कल संसद में महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधन का जिन दलों ने विरोध किया, उनसे मैं कहूंगा ये लोग नारी शक्ति को गारंटेड ले रहे हैं। वो भूल रहे है कि 21वीं सदी की नारी हर घटना पर नजर रख रही है। इसीलिए महिला आरक्षण बिल को रोकना का जो पाप किया है, इसकी सजा जरूर मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है। लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दलहित सबकुछ हो जाता है। दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को देशहित को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यहीं हुआ। कांग्रेस, द्रमुक, तृणमूल और समाजवादी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि, नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से कुछ छीनने का नहीं था, नारी शक्ति वंदन संशोधन हर किसी को कुछ न कुछ देने का था। ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को 2029 के लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था। पीएम मोदी ने कहा- इसके पास होने से सभी राज्यों की सीटें बढ़ती, लेकिन उन्होंने झूठ फैलाकर उन राज्यों के लोगों के साथ धोखा किया। टीएमसी, डीएमके और सपा सभी ने जनता से खासकर महिलाओं के साथ धोखा किया। सपा ने लोहिया जी के सभी आदर्शों को पैरों तले रौंद दिया, ये यूपी की महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी। सुबोध/१८ -०४-२०२६