राज्य
19-Apr-2026
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- साइबर ठगों की करतूतों पर भारी पड़ रही लोगों की सतर्कता भोपाल (ईएमएस)। मप्र सहित देशभर में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हालांकि सरकार और पुलिस प्रशासन लगातार लोगों को जागरूक कर रहा है। इसका प्रभाव भी दिखने लगा है। लेकिन भारत ही नहीं दूसरे देशों में बैठे ठग नए-नए तरीके निकाल रहे हैं, लेकिन लोग भी सतर्क हो रहे हैं। यहीं कारण हैं कि इस वर्ष मप्र में डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं भी कम हो रही हैं। मार्च 2026 की बात करें तो प्रदेश के लोगों से अलग-अलग तरीकों से 29 करोड़ रुपये ठगे तो गए, पर पीडि़तों और पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाई। इसमें से 37 प्रतिशत राशि ठगों के बैंक खाते में होल्ड (रोकने) कराने में सफलता मिली है। पहली बार है जब ठगी का इतना बड़ा हिस्सा होल्ड कराया जा सका है। डिजिटल युग में जहां तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों ने भी ठगी के नए और बेहद तकनीकी तरीके ईजाद कर लिए हैं। केंद्र सरकार के 1930 साइबर पोर्टल पर हर दिन हजारों की संख्या में शिकायतें दर्ज हो रही हैं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि अपराधी अब पहले से कहीं अधिक संगठित हो चुके हैं। मार्च में बुरहानपुर में ट्रेडिंग इंवेस्टमेंट के नाम पर साइबर ठगों ने एक व्यक्ति से तीन लाख 90 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। घटना के लगभग एक घंटे में ही पीडि़त ने साइबर हेल्पलाइन काल सेंटर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस सक्रिय हुई। 1.28 लाख होल्ड कराई गई। - इन प्रयासों का दिखा असर ठगी रोकने और राशि होल्ड कराने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। ई-जीरो एफआईआर की सुविधा दिसंबर 2025 से प्रदेश में शुरू की गई। इसमें एक लाख रुपये से अधिक की ठगी के मामले में अपने आप ई-जीरो एफआइआर दर्ज हो जाती है। फर्जी सिमकार्ड जारी करने वालों के विरुद्ध साइबर पुलिस ने आपरेशन फास्ट चलाया। इसमें विभिन्न जिलों में 55 एफआइआर दर्ज कर 44 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। आपरेशन फेस के माध्यम से साइबर पुलिस टेलीकाम कंपनियों के माध्यम से एक ही व्यक्ति और फोटो से फर्जी तरीके से बड़ी संख्या में सिम जारी करने वालों को पकड़ रही है। पुलिस ने स्कूल, कालेज से लेकर अन्य भीड़ वाले स्थानों में लोगों को जागरूक करने के लिए सेफ क्लिक नाम से अभियान चलाया। बैंकों से बात कर राशि होल्ड कराने के लिए साइबर मुख्यालय में मिटिगेशन सेंटर बनाया गया है। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से आमजन से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध लिंक, काल अथवा मैसेज से सतर्क रहें तथा साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। - मप्र चौथे स्थान पर अच्छी बात है कि केंद्रशासित प्रदेशों को छोड़ दें तो ठगी की राशि में से सर्वाधिक हिस्सा होल्ड कराने में उत्तराखंड, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश ही है। प्रदेश में पिछले वर्ष 634 करोड रुपये की ठगी में से 137 करोड़ (22 प्रतिशत) राशि ही होल्ड कराई जा सकी थी। उत्तराखंड ने 8.97 करोड़ की ठगी में 3.73 करोड़ राशि होल्ड कराई। हरियाणा ने 55.46 करोड़ की ठगी में 21.80 करोड़ राशि होल्ड कराई। उत्तर प्रदेश ने 110 करोड़ की ठगी में 41.10 करोड़ राशि होल्ड कराई। मध्य प्रदेश ने 29.90 करोड़ की ठगी में 11करोड़ राशि होल्ड कराई। गुजरात ने 104 करोड़ की ठगी में 36 करोड़ राशि होल्ड कराई। दिल्ली ने 66.22 करोड़ की ठगी में 23 करोड़ राशि होल्ड कराई। महाराष्ट्र ने 258 करोड़ की ठगी में 85 करोड़ राशि होल्ड कराई। - विनोद/ 19 अप्रैल /2026