:: पिछले वर्ष के मुकाबले राजस्व में 12.33 प्रतिशत का इजाफा; वित्त विभाग का लक्ष्य भी हुआ पार :: भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। प्रदेश की नई आबकारी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते इस वर्ष सभी 3553 मदिरा दुकानों का निष्पादन सफलतापूर्वक पूर्ण हो गया है। इन दुकानों की नीलामी से सरकार को 18676.80 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होगा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.33 प्रतिशत अधिक है। आबकारी विभाग को अन्य स्रोतों से प्राप्त होने वाली अनुमानित आय को मिलाकर कुल राजस्व संग्रह 20,481.80 करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि वित्त विभाग ने आबकारी विभाग के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 20,279 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य निर्धारित किया था। वर्तमान नीलामी के आंकड़ों को देखें तो विभाग इस लक्ष्य को पार करने में सफल रहा है। आबकारी दुकानों से प्राप्त मूल राजस्व के अतिरिक्त अन्य स्रोतों (परमिट, लाइसेंस फीस आदि) से करीब 1775 करोड़ रुपये की आय संभावित है, जो कुल रेवेन्यू का लगभग 9.5 प्रतिशत हिस्सा है। :: मंत्रि-परिषद समिति ने दी मंजूरी :: उप मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर विभाग के अध्यक्ष की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित मंत्रि-परिषद समिति की बैठक में मदिरा दुकानों और समूहों के टेंडर ऑफर्स पर अंतिम निर्णय लिया गया। बैठक में 24वें चरण तक प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा की गई। समिति ने पूर्व में होल्ड पर रखे गए 10वें, 11वें और 21वें चरण के उच्च प्रस्तावों को आबकारी नीति के मापदंडों के अनुसार स्वीकार करने की अनुमति प्रदान की। नीलामी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए शासन ने कलेक्टर्स को विशेष रूप से अधिकृत किया है। यदि टेंडर स्वीकृत होने की अवधि में भिन्नता पाई जाती है, तो वार्षिक मूल्य में छूट संबंधी राजपत्र की कंडिकाओं के अनुरूप जिला कलेक्टर निर्णय ले सकेंगे। इसके साथ ही, निष्पादन से शेष रही दुकानों के लिए आगामी चरणों में ई-टेंडर के माध्यम से प्राप्त होने वाले ऑफर्स में न्यूनतम राशि का बंधन भी हटा दिया गया है, ताकि शत-प्रतिशत दुकानों का संचालन सुनिश्चित हो सके। प्रकाश/19 अप्रैल 2026