:: इंदौर में भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ; मुख्यमंत्री बोले– राम और कृष्ण के लीला-स्थलों को बनाएंगे प्रमुख तीर्थ :: इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान परशुराम ने अन्याय और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाकर समाज को नई दिशा दी। उनका जीवन साहस, शौर्य, निडरता और धर्म रक्षा की प्रेरणा देता है। मध्यप्रदेश सरकार भगवान परशुराम के आदर्शों को आत्मसात कर सभी वर्गों के कल्याण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री रविवार को इंदौर के बड़ा गणपति चौराहा पर सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित भव्य शोभायात्रा के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण कर प्रदेशवासियों को जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में भगवान परशुराम का व्यक्तित्व अद्वितीय है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं सुदर्शन चक्र के बिना अधूरी हैं और यह चक्र उन्हें भगवान परशुराम ने ही प्रदान किया था। उन्होंने रेखांकित किया कि समाज को परशुराम जी के आदर्शों को अपनाते हुए एकता और समरसता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। माँ अहिल्या की नगरी में इस प्रकार के भव्य आयोजन समाज में जागरूकता और एकजुटता का संचार करते हैं। :: विकसित होंगे राम-कृष्ण पथ के तीर्थ :: प्रदेश की पावन धरती से भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के गहरे संबंध का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की और भगवान श्रीराम ने चित्रकूट सहित प्रदेश के अनेक स्थलों को पावन किया। सरकार इन सभी लीला-स्थलों को चिन्हित कर उन्हें प्रमुख तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित करेगी। उन्होंने उज्जैन में स्थापित वैदिक घड़ी का उदाहरण देते हुए कहा कि आज सनातन धर्म का पुनर्जीवन पूरी दुनिया देख रही है। :: प्रतिमा पर किया माल्यार्पण :: कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री इंदौर के सुखलिया क्षेत्र पहुंचे, जहाँ उन्होंने भगवान परशुराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, मनोज पटेल, पं. सत्यनारायण सत्तन और कलेक्टर शिवम वर्मा सहित बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रकाश/19 अप्रैल 2026