राज्य
19-Apr-2026
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:: आदिराज पारणा महोत्सव में 550 तपस्वियों का उत्साहवर्धन; गच्छाधिपति श्रीमद विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी से लिया आशीर्वाद :: धार/इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनेक योनियों के पश्चात प्राप्त होने वाला यह मानव शरीर पंचतत्वों की थाती है। इस जीवन को संस्कारित करने और पुण्य का संचय करने के लिए उपवास व तपस्या सबसे श्रेष्ठ माध्यम हैं। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर पारणोत्सव के माध्यम से स्वयं को धर्म से जोड़ना आत्म-कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। मुख्यमंत्री रविवार को सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ मोहनखेड़ा में आयोजित आदिराज पारणा महोत्सव में सम्मिलित हुए। गच्छाधिपति श्रीमद विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराज साहब की पावन निश्रा में 550 से अधिक तपस्वियों ने अपनी कठिन साधना का पारणा किया। आध्यात्मिक चेतना पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार चराचर जगत में सूर्य ऊर्जा का संचार करता है, वैसे ही मानव जीवन में गुरुदेव मार्गदर्शक बनकर अंधकार दूर करते हैं। जीवन के अनेक भटकावों के बीच सत्य और असत्य का भेद केवल गुरु की वाणी से ही संभव है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव आचार्य श्री राजेन्द्र सूरी जी महाराज के आशीर्वाद से प्रदेश सरकार भौतिक प्रगति के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव की पुनर्स्थापना के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने इंदौर में गुरुदेव के आगामी चातुर्मास के दौरान राज्य सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग का संकल्प दोहराया। डॉ. यादव ने शासन की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सरकार सनातन संस्कृति के उन मूल्यों पर आधारित है, जहाँ पाने से अधिक आनंद देने में माना गया है। इसी सेवा भाव से गरीबों के उत्थान और गौ-सेवा के लिए कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि गौशालाओं में प्रति गाय अनुदान राशि को बढ़ाकर अब दोगुना कर दिया गया है। साथ ही, दुग्ध उत्पादन और प्राकृतिक कृषि के माध्यम से किसानों की समृद्धि के प्रयास निरंतर जारी हैं। समारोह में उपस्थित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश अपनी प्राचीन विरासत पर गर्व करना सीख रहा है। गच्छाधिपति पूज्य श्रीमद विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराज ने मुख्यमंत्री के सेवा लक्ष्यों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर प्रगति का शुभाशीष प्रदान किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने मोहनखेड़ा महातीर्थ में भगवान आदिनाथ के दर्शन कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। आदिराज पारणा महोत्सव जैन धर्म की उस महान परंपरा का प्रतीक है, जब प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव ने 400 दिनों की तपस्या के बाद अक्षय तृतीया को इक्षुरस (गन्ने के रस) से पारणा किया था। इसी स्मृति में प्रतिवर्ष वर्षीतप करने वाले तपस्वियों का सम्मान और पारणा कराया जाता है। इस अवसर पर ट्रस्ट अध्यक्ष सूर्य प्रकाश भंडारी, जैन संघ प्रदेश अध्यक्ष सुरेश तांतेड, पूर्व विधायक वेलसिंह भूरिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रकाश/19 अप्रैल 2026