व्यापार
20-Apr-2026


- अमीरात ने अमेरिकी नीतियों को ठहराया जिम्मेदार मुंबई (ईएमएस)। पश्चिम एशिया में गहराते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के मद्देनजर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपनी तेल व गैस बिक्री के लिए अमेरिकी डॉलर के बजाय चीनी युआन या अन्य वैकल्पिक मुद्राओं को अपनाने की चेतावनी दी है। यूएई ने इस स्थिति के लिए डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है, साथ ही संभावित डॉलर संकट से निपटने के लिए अमेरिका से डॉलर स्वैप लाइन की मांग की है। मैक्रोइकोनॉमिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि यूएई तेल व्यापार में युआन को अपनाता है, तो यह वैश्विक स्तर पर दशकों से कायम डॉलर के प्रभुत्व को गंभीर चुनौती देगा। चीन पहले ही कई देशों के साथ मुद्रा स्वैप समझौते कर चुका है, जिससे युआन का अंतरराष्ट्रीय उपयोग बढ़ रहा है। यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम नहीं होता, तो कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक अर्थव्यवस्था व मुद्रा बाजार पर असर तय है। गैर-डॉलर व्यापार देशों को अपने डॉलर भंडार को कर्ज चुकाने के लिए सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है। इस बीच, भारत में भी डॉलर पर निर्भरता कम करने के संकेत मिल रहे हैं। हाल ही में भारतीय कंपनियों ने ईरान से तेल खरीद के लिए डॉलर की बजाय युआन में भुगतान किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और रिटेल जैसे अन्य सेक्टर भी वैकल्पिक भुगतान विकल्पों की तलाश में हैं, जो वैश्विक व्यापार में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। सतीश मोरे/20अप्रैल ---