* दिवंगत महारानी कामसुन्दरी देवी की संपत्ति अधिग्रहण की तैयारी तेज पटना, (ईएमएस)। बिहार में दरभंगा राज की आखिरी महारानी महारानी कामसुन्दरी देवी के निधन के बाद अब राज्य सरकार ने उनकी अरबों की संपत्ति पर कब्जा लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है। दरअसल राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनुसार, महारानी के निधन के बाद अब तक कोई वैध उत्तराधिकारी सामने नहीं आया है। साथ ही उन्होंने अपने जीवनकाल में कोई वसीयत भी नहीं छोड़ी, जिससे संपत्ति के बंटवारे को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके। ऐसे में कानून के तहत सरकार को हस्तक्षेप करने का अधिकार मिल गया है। बताया गया है कि सरकार ने पहले चरण में आम जनता से 10 मई 2026 तक दावे और आपत्तियां मांगी हैं। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इस संपत्ति पर अपना अधिकार जताना चाहती है, तो उसे निर्धारित समयसीमा के भीतर वैध दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। ज्ञात हो कि दरभंगा राज की संपत्ति बेहद विशाल और ऐतिहासिक महत्व की मानी जाती है। इसमें कीमती जमीनें, राजसी भवन, महल और अन्य संरचनाएं शामिल हैं। इसके अलावा कई संपत्तियां ट्रस्ट के अधीन हैं, जबकि बैंक खातों और कोषागारों में जमा धन भी इसका हिस्सा है। सरकार फिलहाल सभी संपत्तियों का विस्तृत रिकॉर्ड खंगाल रही है और अवैध कब्जों की भी जांच कर रही है। राजस्व विभाग के मुताबिक सरकार बेतिया राज की तर्ज पर एक विशेष अधिनियम लाने की तैयारी में है, जिससे संपत्तियों के अधिग्रहण को कानूनी आधार मिल सके। 10 मई के बाद इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का 1987 का आदेश भी महत्वपूर्ण है, जिसमें दरभंगा राज की संपत्तियों के आपसी सहमति से बंटवारे की बात कही गई थी। हालांकि, अब तक कई संपत्तियों का वैध बंटवारा नहीं हो सका है, जिससे स्थिति जटिल बनी हुई है। बहरहाल अब सबकी नजर 10 मई की समयसीमा पर टिकी है। यदि इस अवधि में कोई ठोस दावा सामने नहीं आता है, तो सरकार का रास्ता साफ हो जाएगा और वह संपत्ति अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। संतोष झा-२० अप्रैल/२०२६/ईएमएस