-अभी तक 11 लाख, 30 हजार हवाई यात्रियों को भारत लाया गया नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम एशिया के सभी संकट प्रभावित देशों में भारतीय मिशन अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्पर हैं। इसी का परिणाम है कि खाड़ी क्षेत्र में फंसे नाविकों और अन्य भारतीय नागरिकों का सुरक्षित भारत आने का सिलसिला लगातार जारी है। खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में मौजूदा परिस्थितियों पर विदेश मंत्रालय लगातार फोकस रख रहा है। उसकी पहली प्राथमिकता है कि युद्धग्रस्त क्षेत्रों में जितने भी भारतीय रह गए हैं, उनकी हिफाजत और सुरक्षा तय हो और उन्हें किसी भी तरह की तकलीफ का सामना न करना पड़े। बता दें 28 फरवरी, 2026 को खाड़ी संकट शुरू होने के बाद से क्षेत्र से 2,563 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित की जा चुकी है। खाड़ी क्षेत्र में अब जितने भी भारतीय नाविक रह भी गए हैं, वह भी पूरी तरह से सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय इनके हितों की रक्षा के लिए संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ लगातार संपर्क में है। 18 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट से निकले तेल टैंकर देश गरिमा पर सवार 31 भारतीय नाविक भी पूरी तरह से सुरक्षित हैं। 97,422 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर भारत आ रहे इस जहाज के 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक खाड़ी क्षेत्र के जिस देश में भी एयरस्पेस खुला है, वहां से भारत के लिए उड़ानें चालू हैं। संकटग्रस्त खाड़ी देशों से 28 फरवरी से लेकर 20 अप्रैल तक करीब 11 लाख 30 हजार हवाई यात्रियों को भारत लाया जा चुका है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान से आर्मेनिया और अजरबैजान होते हुए अबतक 2,358 भारतीय नागरिकों भारत पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। इनमें 1,041 भारतीय स्टूडेंट और 657 भारतीय मछुआरे शामिल हैं। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से संयुक्त अरब अमीरात से करीब 110 फ्लाइट का संचालन हुआ है। इसी तरह से सऊदी अरब और ओमान के भी विभिन्न एयरपोर्ट से भारत के लिए उड़ानें जारी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कतर का भी एयरस्पेस कुछ हद तक खुला हुआ है और करीब 10 से 11 उड़ानें रोज संचालित हो रही हैं। कुवैत एयरस्पेस बंद है, लेकिन वहां से सऊदी अरब के रास्ते लोग आ रहे हैं। बहरीन का गल्फ एयर भी भारत के लिए सीमित उड़ान शुरू करने की योजना बना रहा है। इराक एयरस्पेस खुला का इस्तेमाल भारत की यात्रा के लिए किया जा सकता है। इजराइल का एयरस्पेस सीमित रूप से खुला है। भारतीय नागरिकों के लिए जॉर्डन और मिस्र के रास्ते यात्रा सुनिश्चित की जा रही है। ईरान का एयरस्पेस सीमित रूप से खुला है, लेकिन यहां से कार्गो या चार्टर्ड उड़ानें ही संचालित हो रही हैं। इसलिए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते भारतीयों को स्वदेश भेज रहा है। सिराज/ईएमएस 21अप्रैल26