गुमला(ईएमएस)।गुमला जिला अंतर्गत चैनपुर प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की संवेदनहीनता और लचर व्यवस्था का एक ऐसा चेहरा सामने आया है, जिसने पूरी स्वास्थ्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिये हैं। चैनपुर थाना के रामपुर के समीप हुए एक ऑटो हादसे में 62 वर्षीय चालक वाल्टर रंजीत एक्का की मौत हो गयी लेकिन विडंबना देखिये कि अस्पताल पहुंचने पर उनकी मौत की पुष्टि करने वाला कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।हद तो तब हो गयी जब वहां मौजूद एएनएम ने कागजी खानापूर्ति करते हुए मृत व्यक्ति को ही बेहतर इलाज के लिये गुमला रेफर कर दिया। मृतक बरवे नगर श्याम सुंदर टोली के निवासी था और चैनपुर से सामान लेकर घर लौट रहा था। तभी रामपुर के पास उनका ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। चैनपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल वाल्टर को अस्पताल पहुंचाया, पर अनुमंडल स्तरीय इस अस्पताल में सन्नाटा पसरा था।इस घोर लापरवाही पर प्रभारी डॉ दीपशिखा किंडो ने तर्क दिया कि इंक्वास कार्यक्रम के कारण सभी स्टाफ केरागानी गये हुए थे। अस्पताल की इस बदहाली पर जनप्रतिनिधियों का आक्रोश फूट पड़ा है। चैनपुर उपप्रमुख सह कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष प्रमोद खलखो ने कहा कि यह अस्पताल खुद बीमार है।जहां मरीजों को सिर्फ रेफर करना ही इलाज रह गया है।वहीं, जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि अगर स्वास्थ्य विभाग ने अपना रवैया नहीं सुधारा, तो मजबूरन उग्र आंदोलन और चक्का जाम किया जायेगा।हादसे में ऑटो सवार अन्य लोगों को भी हल्की चोटें आयी हैं, जिनका उपचार स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है। कर्मवीर सिंह/21अप्रैल/26