राष्ट्रीय
22-Apr-2026


जयपुर (ईएमएस)। राजस्थान हाईकोर्ट में बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चुनावों में मतदान के दौरान भारी अव्यवस्था और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। वकील पूनम चंद भंडारी की लिखित शिकायत और पुख्ता सबूतों के आधार पर निर्वाचन अधिकारी ने कड़ा रुख दिखाकर मतदान को तुरंत प्रभाव से रद्द किया है। अब फिर से मतदान कराया जाएगा, जिसकी तारीख की घोषणा अगले एक-दो दिनों में होने की संभावना है। क्या था पूरा मामला? मतदान के दौरान एडवोकेट भंडारी (बैलट नंबर 17) ने मतदान केंद्र के भीतर हो रहे फर्जीवाड़े को पकड़ा। उन्होंने देखा कि नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और लोग बेरोकटोक अंदर-बाहर जा रहे थे। भंडारी ने मौके पर इसका वीडियो बनाकर चुनाव अधिकारी को दिखाया। उन्होंने लिखित शिकायत दर्ज करवाते हुए मांग की कि लोकतंत्र के इस उत्सव में भ्रष्टाचार और धांधली को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इसलिए इस चुनाव को निरस्त किया जाए। शिकायत की गंभीरता को देखकर हाईकोर्ट के जस्टिस गर्ग और विधि सचिव राजेंद्र काछवाल भी मौके पर पहुंचे। उन्हें पूरी अव्यवस्था और वीडियो साक्ष्य दिखाए गए। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने पाया कि मतदान की शुचिता भंग हुई है, जिसके बाद सर्वसम्मति से वर्तमान मतदान को रद्द करने का निर्णय लिया गया। आशीष दुबे / 22 अप्रैल 2026