राष्ट्रीय
22-Apr-2026


-दिल्ली हाईकोर्ट का ऐतिहासिक आदेश, बिना अनुमति नाम-चेहरा-आवाज के इस्तेमाल पर रोक नई दिल्ली,(ईएमएस)। तेलुगु सिनेमा के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए कई कंपनियों, ई-कॉमर्स वेबसाइट्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को उनकी पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल करने से सख्ती से रोक दिया है। यह फैसला जस्टिस तुषार राव गेडेला की एकल पीठ ने सुनाया। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा अल्लू अर्जुन के नाम, चेहरे, आवाज, स्टाइल, डायलॉग या किसी भी पहचान का उपयोग निजी या व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं किया जा सकता। दरअसल अभिनेता अल्लू अर्जुन ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि कुछ प्लेटफॉर्म्स उनकी अनुमति के बिना उनके नाम से उत्पाद बेच रहे हैं और इंटरनेट पर भ्रामक व आपत्तिजनक कंटेंट फैला रहे हैं। साथ ही, एआई तकनीक का इस्तेमाल कर उनकी आवाज की नकल कर फर्जी कॉल और डीपफेक सामग्री तैयार की जा रही थी, जिससे उनकी छवि और करियर प्रभावित हो रहे थे। अदालत ने माना कि अल्लू अर्जुन एक प्रतिष्ठित कलाकार हैं, जिन्होंने वर्षों की मेहनत से अपनी पहचान बनाई है। कोर्ट ने उनके फिल्मी सफर का जिक्र करते हुए कहा कि ‘पुष्पा: द राइज’ और ‘पुष्पा-2: द रूल’ जैसी फिल्मों से उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है। जस्टिस गेडेला ने कहा कि अभिनेता की पहचान से जुड़ी हर चीज उनकी बौद्धिक संपदा और व्यक्तित्व का हिस्सा है, जिसका अनधिकृत उपयोग कानून का उल्लंघन है। अदालत ने यह भी माना कि पहली नजर में यह स्पष्ट है कि कुछ लोग उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे उन्हें अपूरणीय नुकसान हो सकता था। कोर्ट ने फैसले में यह भी निर्देश दिया, कि जिन वेबसाइट्स या लिंक पर ऐसा कंटेंट मौजूद है, उन्हें 72 घंटे के भीतर हटाया जाए। साथ ही, सभी प्लेटफॉर्म्स को भविष्य में इस तरह के कंटेंट को तुरंत ब्लॉक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध डिजिटल और ऑफलाइन दोनों माध्यमों पर लागू होगा, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जनरेटिव एआई, मशीन लर्निंग, डीपफेक और फेस मॉर्फिंग जैसी तकनीकों का उपयोग भी शामिल है। इस मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को जॉइंट रजिस्ट्रार के समक्ष और 24 सितंबर को अदालत में निर्धारित की गई है। यह फैसला डिजिटल युग में सेलिब्रिटी पहचान की सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है। हिदायत/ईएमएस 22अप्रैल26