खेल
22-Apr-2026


:: अभिनंद के शानदार प्रदर्शन से अंडर-19 टीम चैंपियनशिप पर जमाया कब्जा; मेहान और बालमुरुगन ने भी दिखाया दम :: देहरादून (ईएमएस)। उत्तराखंड की वादियों में खेली जा रही यूटीटी 87वीं इंटर-स्टेट जूनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप में तमिलनाडु के युवाओं ने अपनी श्रेष्ठता का परचम लहरा दिया है। बुधवार को न्यू मल्टीपर्पज हॉल में खेले गए अंडर-19 बालक वर्ग के खिताबी मुकाबले में शीर्ष वरीय तमिलनाडु ने महाराष्ट्र को 3-1 से पराजित कर राष्ट्रीय टीम चैंपियनशिप का गौरव हासिल किया। इस गौरवमयी जीत के महानायक पी.बी. अभिनंद रहे, जिन्होंने निर्णायक मौकों पर अपने अनुभव और आक्रामकता का परिचय देते हुए टीम की राह प्रशस्त की। पूरे टूर्नामेंट में तमिलनाडु के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाने वाले अभिनंद ने फाइनल में अपनी लय से प्रतिद्वंद्वी को पस्त कर दिया। खिताबी भिड़ंत के दौरान अभिनंद ने पहले नील मुले को पटखनी दी और फिर रिवर्स सिंगल्स के अहम मैच में महाराष्ट्र के स्तंभ कुशल चोपड़ा को सीधे गेमों में 11-6, 11-6, 11-8 से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक सुनिश्चित कर दिया। यद्यपि सेमीफाइनल में असम के प्रियांशु के विरुद्ध उन्हें आंशिक विफलता मिली थी, किंतु फाइनल में उन्होंने अपने खेल के स्तर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। :: महाराष्ट्र का एकाकी संघर्ष पड़ा कमजोर :: महाराष्ट्र की टीम का पूरा दारोमदार कुशल चोपड़ा के कंधों पर दिखाई दिया। खिताबी मुकाबले के प्रारंभ में कुशल ने एम.आर. बालमुरुगन को पांच गेमों के कड़े संघर्ष में हराकर महाराष्ट्र को बढ़त तो दिलाई, किंतु अन्य साथी इस गति को बरकरार नहीं रख सके। तमिलनाडु की ओर से एस.के. मेहान ने ईशान खांडेकर को एकतरफा अंदाज में पराजित कर मैच का पलड़ा अपनी टीम की ओर झुका दिया। महाराष्ट्र के लिए नील मुले ने कुछ प्रतिरोध अवश्य दिखाया, परंतु निर्णायक क्षणों में तमिलनाडु की रणनीतिक गहराई उन पर भारी पड़ी। :: सेमीफाइनल के रोमांच ने बढ़ाई थी धड़कनें :: इससे पूर्व सेमीफाइनल के संघर्षों ने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया था। तमिलनाडु को असम की टीम ने 3-2 के स्कोर तक खींचकर कड़ी परीक्षा ली थी, जहाँ एम.आर. बालमुरुगन ने दबाव के क्षणों में अपना धैर्य बनाए रखते हुए टीम को फाइनल का टिकट दिलाया। वहीं, महाराष्ट्र ने पश्चिम बंगाल को 3-1 से हराकर अंतिम दो में जगह बनाई थी। प्रतियोगिता में महाराष्ट्र को रजत पदक मिला, जबकि असम और पश्चिम बंगाल की टीमों को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। अब खिलाड़ियों का ध्यान गुरुवार से प्रारंभ होने वाली व्यक्तिगत सिंगल्स और डबल्स स्पर्धाओं पर केंद्रित हो गया है। प्रकाश/22 अप्रैल 2026