राष्ट्रीय
22-Apr-2026


विजय गोयल ने एंटोनियो सेरिफो एम्बालो का स्वागत किया और उन्हें चरखा भेंट किया गिनी-बिसाऊ और भारत के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं – विजय गोयल आत्मनिर्भरता का प्रतीक है चरखा - गोयल नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत आगमन पर, भारत में गिनी-बिसाऊ गणराज्य के मनोनीत राजदूत, एंटोनियो सेरिफो एम्बालो ने 22 अप्रैल, 2026 को महात्मा गांधी के बलिदान स्थल, गांधी स्मृति का दौरा कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह यात्रा दुनिया के लिए प्रेरक गांधीजी की शांति, अहिंसा और सत्य की स्थायी विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक थी। अपनी यात्रा के दौरान, श्री एम्बालो का पूर्व केंद्रीय मंत्री और गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष, विजय गोयल ने गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें चरखा भेंट किया। इस अवसर पर बोलते हुए, विजय गोयल ने कहा, गांधीजी का शांति, सहिष्णुता और अहिंसा का संदेश राष्ट्रीय सीमाओं से परे है और आज की दुनिया में बेहद प्रासंगिक है। गोयल ने कहा, हमें विश्वास है कि श्री एम्बालो ने भारत में उनका कार्यकाल भारत और गिनी-बिसाऊ के बीच मित्रता और आपसी समझ के संबंधों को और मजबूत करेगा। आज हम जो चरखा भेंट कर रहे हैं, वह न केवल भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है, बल्कि टिकाऊ जीवन और आत्मनिर्भरता का एक सार्वभौमिक संदेश भी है। श्री एम्बालो ने गर्मजोशी भरे स्वागत और महात्मा गांधी के जीवन और विरासत से जुड़े इस महत्वपूर्ण स्थल के दर्शन करने के अवसर के लिए आभार प्रकट किया। मनोनीत राजदूत ने कहा कि वे जल्द ही राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को औपचारिक रूप से अपना परिचय पत्र प्रस्तुत करेंगे। यह यात्रा भारत और गिनी-बिसाऊ के बीच बढ़ते राजनयिक जुड़ाव को रेखांकित करती है, जो शांति, सहयोग और आपसी सम्मान के साझा मूल्यों पर आधारित है। ईएमएस / 22 अप्रैल, 2026