- फास्ट चार्जिंग, घरेलू समाधान और बेहतर सेवा पर प्राथमिकता नई दिल्ली (ईएमएस)। टेस्ला भारत में अपनी इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री बढ़ाने से पहले एक मजबूत और व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसमें फास्ट-चार्जिंग नेटवर्क, घरेलू चार्जिंग समाधान और बेहतर सेवा क्षमताएं शामिल हैं, ताकि देश में ईवी अपनाने की राह में आने वाली ढांचागत बाधाओं को दूर किया जा सके। कंपनी का मानना है कि भारतीय बाजार अभी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के शुरुआती चरण में है, जहां उपभोक्ताओं में रेंज एंजाइटी (बैटरी खत्म होने की चिंता) और सर्विस सपोर्ट एक बड़ी चुनौती है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में भारत के यात्री वाहन बाजार में ईवी की हिस्सेदारी मात्र 4.2 फीसदी रही, जो इस सेगमेंट के शुरुआती दौर में होने का संकेत है। इसी अवधि में टेस्ला ने केवल 342 यूनिट्स बेचीं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कंपनी का जोर तत्काल बिक्री बढ़ाने पर नहीं है। फिलहाल, टाटा मोटर्स (78,000 से अधिक यूनिट्स) जैसे पारंपरिक निर्माता इलेक्ट्रिक यात्री वाहन खंड में हावी हैं, जो किफायती ईवी की मजबूत मांग को दर्शाता है। हालांकि टेस्ला का मानना है कि भारत में ईवी को व्यापक रूप से अपनाने के लिए स्वामित्व अनुभव को बेहतर बनाना सबसे अहम है। इसी रणनीति के तहत कंपनी ने 61,99,000 रुपये की कीमत पर टेस्ला मॉडल वाई को लॉन्च किया है, जिसका लक्ष्य देश में तेजी से बढ़ते प्रीमियम एसयूवी सेगमेंट में अपनी स्थिति मजबूत करना है। कंपनी का ध्यान एक ऐसा सशक्त अनुभव बनाने पर है जो बैटरी खत्म होने की चिंता को कम करे और ग्राहकों को पूरी सुविधा प्रदान कर सके। सतीश मोरे/23अप्रैल ---