नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत के आर्थिक मोर्चे पर इस सप्ताह मिली-जुली खबरें रहीं। अमेरिका ने भारतीय सोलर सेल और पैनल पर 123.04 फीसदी प्रारंभिक एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने की घोषणा की है, जिससे मुंद्रा सोलर जैसी चार भारतीय कंपनियां प्रभावित होंगी। यह कार्रवाई अमेरिकी कंपनियों की शिकायत पर की गई है, जिसमें भारतीय उत्पादों पर वास्तविक लागत से कम पर बेचने का आरोप है। सकारात्मक पक्ष पर भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2.362 अरब डॉलर बढ़कर 703.308 अरब डॉलर हो गया, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत संकेत है। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव के कारण आरबीआई को रुपये को सहारा देने के लिए डॉलर बेचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। घरेलू स्तर पर सेबी ने निवेशकों की सुरक्षा के लिए अनपेड सिक्योरिटीज के नियमों में बदलाव सुझाए हैं, जिससे भुगतान के लिए 5 ट्रेडिंग दिन का समय मिल सकेगा। वहीं एसबीआई कैप्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का पावर ट्रांसमिशन सेक्टर वित्त वर्ष 2027 में 7.6 लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ पांच सुस्त वर्षों के बाद रिकवरी की ओर बढ़ सकता है। सतीश मोरे/25अप्रैल ---