- कच्चे तेल की कीमतों में आग से भारतीय रिफाइनरियों को 27,000 करोड़ मासिक नुकसान नई दिल्ली (ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसका असर अब भारतीय उपभोक्ताओं पर पड़ेगा एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय रिफाइनरियां मासिक 27,000 करोड़ रुपए का नुकसान झेल रही हैं। यह भारी घाटा संकेत देता है कि आगामी विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक की बड़ी वृद्धि संभव है। वर्तमान में ईंधन की कीमतें चुनावी सीजन के कारण स्थिर हैं, लेकिन कच्चे तेल की वैश्विक लागत और खुदरा मूल्य के बीच का अंतर असहनीय हो गया है। मध्य पूर्व में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक घेराबंदी जैसी वैश्विक स्थितियों के कारण आपूर्ति श्रृंखला बाधित है, जिससे भारत का कच्चे तेल का आयात बिल प्रतिदिन 190-210 मिलियन डॉलर बढ़ रहा है। बाजार के जानकारों का कहना है कि यह बढ़ोतरी एक साथ न होकर, आम जनता को महंगाई के झटके से बचाने के लिए स्टैगर्ड अप्रोच के तहत किस्तों में की जाएगी। सरकार ने उत्पाद शुल्क में कटौती और निर्यात पर विंडफॉल टैक्स जैसे आंशिक उपाय किए हैं, लेकिन ये स्थायी समाधान नहीं हैं, और रिफाइनरियों को लंबे समय तक यह घाटा उठाना मुश्किल है। सतीश मोरे/23अप्रैल ---