व्यापार
23-Apr-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। आर्थिक मामलों के विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर ने चेतावनी दी है कि आपदाएं अब केवल पर्यावरणीय चिंताएं नहीं, बल्कि वित्त मंत्रालयों के लिए गंभीर आर्थिक और विकासात्मक चुनौती बन गई हैं। सेंटर फॉर डिजास्टर रेजिलेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई) सम्मेलन में उन्होंने यह बात कही। अनुराधा ठाकुर ने स्पष्ट किया कि क्षतिग्रस्त सड़कें, बाधित बिजली प्रणालियां और बाढ़ग्रस्त शहरी नेटवर्क सीधे तौर पर आर्थिक विकास में कमी, सार्वजनिक बजट पर दबाव और आजीविका में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि आपदाएं अब चिंताओं से बढ़कर मुख्य नीतिगत अनिवार्यताएं हैं, खासकर जब पिछले पांच दशकों में वैश्विक घटनाओं में लगभग पांच गुना वृद्धि हुई है। सचिव ने जोर दिया कि लचीलापन आर्थिक रूप से समझदारी भरा है, क्योंकि शुरुआती सुदृढ़ीकरण से दीर्घकालिक लागत घटती है और व्यवधान टलते हैं। यह सिर्फ सुरक्षा उपाय नहीं, बल्कि उत्पादकता बढ़ाने वाला निवेश है। उन्होंने राष्ट्रीय बजट की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु सार्वजनिक वित्त में सक्रिय आपदा जोखिम वित्त ढांचों को शामिल करने का भी आह्वान किया। सतीश मोरे/23अप्रैल ---