नई दिल्ली (ईएमएस)। ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर के बावजूद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने दो टैंकरों को अपने कब्जे में ले लिया, जिससे वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया और ब्रेंट क्रूड की कीमतें 102 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं। इस रणनीतिक मार्ग के लगभग बंद होने से फारस की खाड़ी के प्रमुख उत्पादकों के निर्यात में भारी गिरावट आई है, जिससे वैश्विक आपूर्ति का डर बढ़ गया है। अमेरिकी नाकेबंदी को ईरान ने सीजफायर का उल्लंघन बताया है। ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि जब तक यह उल्लंघन जारी रहेगा, बातचीत संभव नहीं है। इनसे सीजफायर टूटने और युद्ध के दोबारा छिड़ने का खतरा बढ़ गया है, क्योंकि शांति वार्ता की संभावना क्षीण है। एलएसईजी डेटा के अनुसार, पहले के 100 से अधिक जहाजों के मुकाबले अब केवल 8 जहाज ही यहां से गुजर रहे हैं, जो व्यापारिक ठहराव दर्शाता है। पूर्व में वैश्विक कच्चे तेल की लगभग 20 फीसदी आपूर्ति हॉर्मुज से होती थी। मौजूदा व्यवधान से आपूर्ति सामान्य होने और तेल के रिफाइन होने में महीनों लग सकते हैं। सतीश मोरे/23अप्रैल ---