-पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा- ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं नई दिल्ली,(ईएमएस)। केंद्र सरकार ने गुरुवार को उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि वर्तमान में चल रहे विधानसभा चुनावों के बाद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसे फेक न्यूज बताते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया में कहा- कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की बात कही जा रही है। यह स्पष्ट है कि सरकार के सामने ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस तरह की खबरें भय और दहशत पैदा करने के उद्देश्य से फैलाई जाती हैं और ये शरारतपूर्ण और भ्रामक हैं। पोस्ट में आखिर में लिखा- भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां पिछले चार सालों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। भारत सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने भारतीय नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों में होने वाली तीव्र वृद्धि से बचाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं। इससे पहले बुधवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा था कि देश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और लोगों से अपील की है कि पेट्रोल-डीजल या गैस की जल्दबादी में खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। मीडिया रिपोर्ट में सरकार के मुताबिक देश भर में घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की 100 फीसदी सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। 23 मार्च 2026 से अब तक 20 लाख से ज्यादा 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर (एफटीएल) बेचे जा चुके हैं, जो खासकर प्रवासी मजदूरों के लिए राहत हैं। सरकार ने इन सिलेंडरों की सप्लाई भी दोगुनी कर दी है ताकि जरूरतमंदों तक आसानी से गैस पहुंच सके। पीएनजी के विस्तार पर भी तेजी से काम हो रहा है। मार्च 2026 से अब तक करीब 5.10 लाख नए कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं और 2.56 लाख अतिरिक्त कनेक्शन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो चुका है। इसके अलावा 5.77 लाख लोग नए कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। सरकार कंपनियों के साथ मिलकर लोगों को पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। कई कंपनियां नए कनेक्शन पर ऑफर भी दे रही हैं। साथ ही राज्यों को भी निर्देश दिए हैं कि वे गैस कनेक्शन देने की प्रक्रिया को तेज करें। सिराज/ईएमएस 23अप्रैल26