नेपाल में एक महीने में सरकार के दो मंत्रियों ने दिया इस्तीफा काठमांडू,(ईएमएस)। नेपाल में बालेन सरकार बने एक महीने भी नहीं हुए हैं। लेकिन, महीने भर के अंदर ही दो-दो मंत्रियों का इस्तीफा हो गया और वो भी भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद जैसे आरोपों के चलते। नेपाल की जनता ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) को बहुत बड़ा जनादेश देकर सत्ता में बिठाया है। ऐसे में जेन-जी आंदोलन के बाद बनी सरकार के अस्तित्व पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। नेपाल में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेन शाह ने 27 मार्च, 2026 को देश की कमान संभाली है। पहले 13वें दिन में श्रम मंत्री दीपक कुमार शाह को पत्नी को एक पद दिलाने के आरोपों में अपना पद छोड़ने को मजबूर होना पड़ा। फिर 26वें दिन में गृहमंत्री सूडान गुरुंग भ्रष्टाचार के आरोपों में इस्तीफा देने को मजबूर हो गए। नेपाल के शीर्ष राजनीतिक सूत्र ने बालेन शाह की सरकार में इतनी जल्दी उथल-पुथल मचने के पीछे की पूरी बात साझा की है। सूत्र ने फोन पर बताया है कि सरकार बनने के साथ ही राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख रबी लामिछाने और प्रधानमंत्री बालेन शाह के बीच खटपट शुरू हो चुकी है। बालेन शाह को लगता है कि पार्टी को इतनी बड़ी बहुमत उनके चेहरे के दम पर मिली है, इसी वजह से रबी लामिछाने कहीं न कहीं उपेक्षित होते जा रहे हैं। इंपोर्टेड पीएम हैं बालेन शाह। वो तो काठमांडू का मेयर बनने की वजह से चेहरा बने। उन्हें तो राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी में बाहर से लाया गया है..। जेन-जी आंदोलन ने भी उन्हें चमकाया। मधेसियों के समर्थन ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को सत्ता दिलाने में बड़ा रोल निभाया। उन्होंने बताया कि सत्ता में आने के बाद सरकार बनाने में पूरी तरह से बालेन शाह का दबदबा रहा। रबी लामिछाने के लोगों को मंत्रिमंडल में प्रभावशाली भूमिका नहीं मिली। गृहमंत्री सूडान गुरुंग का इस्तीफा उसी से जुड़ा हुआ है, जो बालेन शाह के आदमी थे। उन्होंने जेन-जी आंदोलन को लेकर भी बड़ा संदेह जाहिर किया है। नेपाल में हुआ जेन-जी आंदोलन प्रायोजित था। उसमें बालेन शाह की बड़ी भूमिका लग रही है। धीरे-धीरे यह संदेह सही साबित होता लग रहा है। जो भ्रष्टाचार मिटाने के नाम पर आए थे, वे सारे के सारे खुद ही भ्रष्टाचार में घिरते जा रहे हैं। सरकार के पास बड़ा बहुमत तो है। बालेन शाह को नेपाल के लोगों ने ही गद्दी पर बिठाया है, इसके आगे क्या होगा, सरकार की स्थिरता कितने दिन रह पाएगी, कह नहीं सकते। सिराज/ईएमएस 23अप्रैल26 -----------------------------