मीरजापुर (ईएमएस) । जनपद के प्रभारी मंत्री व प्रदेश के मंत्री औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एन0आर0आई0 एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग श्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी जी ने जनपद भमण के दौरान पत्रकार वार्ता के दौरान दुखद सड़क दुर्घटना में जान गंवाने के प्रति श्रद्धांजलि शोक संवेदना प्रकट किया, उन्होंने कहा कि सबसे पहले मैं कल रात हुए दुःखद और भयावह सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के प्रति आत्मीव संवेदना और गहन शोक प्रकट करता हूँ! इस बेहद दुःखद समय में हमारी सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है! माननीय मुख्यमंत्री जी ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है! हमने जिलाधिकारी महोदय से वार्ता करके हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं! नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को न्याय और भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम था! प्रधानमंत्री जी ने इसे भागीदारी से एक कदम आगे बढ़कर महिलाओं के स्वाभाविक अधिकार से जोड़ा है!लेकिन विपक्ष जो मुद्दाविहीन, बुद्धिविहीन और दृष्टिविहीन है उसने इस विधेयक का विरोध करके अपने ही पैरों में कुल्हाड़ी मारी है! इस विरोध ने उनके महिलाविरोधी और रूढ़िवादी एजेण्डे को बेनकाब कर दिया है! ये लोग मातृशक्ति को घर की चौखट तक सीमित रखना चाहते हैं और माननीय प्रधानमंत्री जी उन्हें विधानसभाओं और संसद की चौखट तक पहुँचाना चाहते हैं!कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत पूरे विपक्ष ने परिसीमन की बेबुनियाद अफवाह के माध्यम से हमेशा की तरह तुष्टिकरण को ही बढ़ावा दिया है!यही कारण है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर जब उन्हें नायकों के समूह में खड़ा होना था, उन्होंने खलनायक की भूमिका ही चुनी!संसद में केवल यह विधेयक नहीं गिरा है बल्कि सम्पूर्ण विपक्ष आधी आबादी की नजरों से गिर गया है! आने वाले चुनावों में मातृशक्ति अपने जनादेश से इन अवसरवादियों को माकूल जवाब देगी!देश के यशस्वी प्रधानमंत्री परम् आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2014 में इस देश की बागडोर सँभालने के साथ ही महिला सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी है!आवास योजना का पंजीकरण महिलाओं के नाम पर होता है! उज्ज्वला योजना और इज्जत घर ने महिलाओं के स्वास्थ्य और आत्मसम्मान को सुनिश्चित किया है! ड्रोन दीदी और स्वयं सहायता समूहों ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है!अब राजनैतिक भागीदारी को मजबूत करने की बारी आयी थी! लोकसभा-विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना वास्तविक अर्थ में उनकी क्षमता और सामर्थ्य का सम्मान है!लेकिन विपक्ष के कुत्सित षड्यंत्र ने इस अभूतपूर्व पहल पर पानी फेर दिया! उन्होंने इस अधिनियम में बाधा डालकर प्रतिनिधित्व और भागीदारी के संवैधानिक अधिकार का गला घोंटा है! विपक्ष का महिलाविरोधी, संविधानविरोधी और देशविरोधी चरित्र उजागर हो चुका है! *शशि भूषण दूबे कंचनीय/मोहम्मद अमीन शेख ईएमएस / 23/04/2026