राष्ट्रीय
23-Apr-2026
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:: संतों के आह्वान पर इंदौर की सड़कों पर उतरे हजारों गौ-भक्त, रणजीत हनुमान से मालवा मिल तक निकाली ऐतिहासिक वाहन रैली :: इंदौर (ईएमएस)। भारतीय संस्कृति की प्राणवायु गौमाता को संवैधानिक सम्मान दिलाने के लिए मालवा की धरा से निर्णायक संघर्ष का शंखनाद हो गया है। गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत बुधवार को शहर में श्रद्धा और संकल्प का अनूठा संगम देखने को मिला। संतों के एक आह्वान पर हजारों की संख्या में गौ-भक्त सड़कों पर उतर आए और विशाल वाहन रैली के माध्यम से केंद्र सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई। रणजीत हनुमान मंदिर से प्रारंभ हुई यह ऐतिहासिक रैली जिस मार्ग से भी गुजरी, वहां का वातावरण गौमाता की जय के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। अभियान का नेतृत्व कर रहे संतों ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब प्रार्थना का समय बीत चुका है, अब रण का समय है। हरिद्वार की पावन धरा से आए स्वामी अच्युतानंद महाराज, स्वामी गोपालाचार्य और स्वामी रामगोपाल दास ने संयुक्त रूप से ऐलान किया कि गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देना अब केवल मांग नहीं, बल्कि सनातन समाज का संकल्प है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते कठोर केंद्रीय कानून नहीं बनाया, जिसमें गौ-हत्यारों को आजीवन कारावास का प्रावधान हो, तो आगामी 27 फरवरी 2027 को देश के 800 जिलों के लाखों भक्त दिल्ली के राजपथ पर महापड़ाव डालेंगे। रैली का दृश्य अत्यंत विहंगम था। सैकड़ों दोपहिया और चार पहिया वाहनों के साथ गौमाता का सुसज्जित रथ आकर्षण का केंद्र रहा। हाथों में केसरिया ध्वज और तख्तियां लिए युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था। महूनाका, राजमोहल्ला, बड़ा गणपति और राजबाड़ा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरते हुए रैली मालवा मिल पर संपन्न हुई। इस दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा कर रैली का स्वागत किया गया। आयोजन में विश्वम संगठन के पदाधिकारियों सहित शहर के प्रबुद्ध नागरिक और धर्मप्रेमी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। संतों ने आंदोलन का रोडमैप साझा करते हुए बताया कि यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है। 27 अप्रैल को देशव्यापी गौ सम्मान दिवस मनाया जाएगा, जिसके तहत राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को करीब 6 करोड़ हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन सौंपकर लोकशक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा। संतों ने स्पष्ट किया कि 15 अगस्त 2027 तक यदि ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो वे गंगाजल ग्रहण कर आमरण अनशन पर बैठने से भी पीछे नहीं हटेंगे। प्रकाश/23 अप्रैल 2026