अंतर्राष्ट्रीय
24-Apr-2026


तेहरान पर बड़े हमले की तैयारी में इजराइल,उधर, 90 फाइटर जेट के साथ खाड़ी में पहुंचा यूएसएस बुश, ईरान बोला हम मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार धमकियों के बीच शांतिवार्ता अधर में वाशिंगटन/ तेल अवीव/इजराइल(ईएमएस)। मिडिल ईस्ट में फिर से जंग के हालात बनने लगे हैं। अमेरिका-इजराइल और ईरान एक-दूसरे को लगातार धमकी दे रहे हैं। हालांकि दुनिया के बड़े देश युद्ध रोकने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं, लेकिन तीनों देशों के बीच कोई सहमति नहीं बन पा रही है। सारे प्रयासों के बाद जिस तरह एक-दूसरे को धमकियां दी जा रही है, उससे मिडिल ईस्ट में युद्ध के काले बादल मंडरा रहे हैं। वर्तमान हालात को देखकर दुनिया सहमी हुई है। इजराइल और ईरान के बीच टकराव अब खुली जंग की दहलीज पर पहुंचता नजर आ रहा है। इसका बड़ा कारण है कि इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इस संघर्ष के और बड़े पैमाने पर बढऩे के संकेत दिए हैं। काट्ज ने साफ-साफ कहा कि इजराइल ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिकी की हरी झंडी का इंतजार है। उधर, ईरान का कहना है कि हम युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हैं। तीनों देशों के बीच चल रही धमकियों के कारण शांतिवार्ता अधर में लटकी गई है। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य ताकत और मजबूत कर दी है। उसका तीसरा परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश अब मिडिल ईस्ट क्षेत्र में पहुंच गया है। यह कैरियर अफ्रीका के दक्षिणी छोर (केप ऑफ गुड होप) से घूमकर आया है, ताकि लाल सागर के खतरनाक रास्ते से बच सके। अब इस क्षेत्र में अमेरिका के पास तीन बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर हो गए हैं। इससे अमेरिकी नौसेना की हवाई ताकत, हमला करने की क्षमता और क्षेत्र में नियंत्रण बहुत बढ़ जाएगा। वहीं एक सुरक्षा बैठक के दौरान काट्ज ने खुली चेतावनी देते हुए कहा कि इजराइली सेना (आईडीएफ) पूरी तरह तैयार है और जरूरत पडऩे पर हमला और बचाव दोनों कर सकती है। उन्होंने कहा कि सभी संभावित टारगेट चिन्हित किए जा चुके हैं। इस दौरान काट्ज ने ईरान की सरकार पर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि ईरान अपने लोगों पर सख्ती से नियंत्रण रखता है और रिवोल्यूशनरी गाड्र्स और बसिज जैसे संगठनों के जरिए दबाव बनाता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान तेल की कीमतों को लेकर दुनिया पर दबाव बनाने की कोशिश करता है। ईरान को इजराइल का सीधा अल्टीमेटम अपने बयान में इजराइली रक्षा मंत्री ने दावा किया कि ईरान के नेता फिलहाल कमजोर स्थिति में हैं, छिपकर काम कर रहे हैं और फैसले लेने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान अपने नागरिकों की परेशानियों की परवाह नहीं करता, जैसा कि हमास और हिजबुल्ला जैसे संगठनों के मामले में देखा गया है। काट्ज ने चेतावनी दी कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो आगे की सैन्य कार्रवाई और ज्यादा खतरनाक और घातक होगी, जो ईरान की नींव को हिला सकती है। अमेरिका नहीं करेगी परमाणु हथियारों का इस्तेमाल हालांकि इसके इतर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ तनाव में परमाणु हमले पर अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि वह इस संघर्ष में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया में किसी को भी परमाणु हथियारों का उपयोग नहीं करना चाहिए। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था मजबूत है और देश में तेल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अभी सऊदी अरब और रूस से भी ज्यादा तेल उत्पादन कर रहा है और कई जहाज अब होर्मुज जलडमरूमध्य की बजाय अमेरिका की ओर आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र पर पूरी नजर रखे हुए है और ईरान को समझौते के लिए दबाव में लाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि ईरान की सरकार ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि देश पूरी तरह एकजुट है। ईरान के नेताओं ने सोशल मीडिया पर एक साथ संदेश जारी कर कहा कि देश में किसी तरह का अंदरूनी मतभेद नहीं है और अमेरिका के दावे बेबुनियाद हैं। विनोद उपाध्याय / 24 अप्रैल, 2026