इस्लामाबाद (ईएमएस)। पाकिस्तान में एचआईवी का खतरा बड़े स्तर पर बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमसी) के एचआईवी सेंटर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मरीजों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि बच्चों में एचआईवी के मामले होना खास तौर पर चिंता की बात है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि बीमारी को छिपाना और टेस्टिंग न करवाना गंभीर खतरा पैदा करता है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पुरुषों में ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। पाकिस्तानी मीडिया द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया कि एड्स कंट्रोल कार्यक्रम के प्रोग्राम मैनेजर, जुबैर अब्दुल्ला, ने कहा कि पीआईएमएस एचआईवी सेंटर में मामलों में बढ़ोतरी ज्यादातर इसलिए है क्योंकि ज्यादा लोग टेस्टिंग के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने लोगों को एचआईवी से बचाव के तरीके बताने की तुरंत जरूरत पर जोर दिया और कहा कि सभी जगहों पर टेस्टिंग में बढ़ोतरी एक अच्छी बात है। पाकिस्तान के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा, रेगुलेशन और समन्वय मंत्रालय की तरफ से जारी डेटा के मुताबिक अक्टूबर 2025 से अब तक 189 लोगों के एचआईवी-पॉजिटिव होने की रिपोर्ट दर्ज हुई है। अप्रैल के पहले 20 दिनों में 11 नए मामले सामने आए। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुरुषों की संख्या महिलाओं से ज्यादा थी, ट्रांसजेंडर लोगों में भी मामले सामने आए, जबकि बच्चों में एचआईवी का पता चलना चिंता की बात बनी हुई है। सुबोध/२४ -०४-२०२६