जैश-ए-मोहम्मद में उठ रही बगावत की चिंगारी नई दिल्ली(ईएमएस)। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के अंदर उथल-पुथल के संकेत मिले हैं। संगठन के प्रमुख मसूद अजहर को लेकर रहस्य लगातार गहराता जा रहा है। बताया जा रहा है कि मसूद अजहर के संगठन के लोग अब उसकी स्थिति और मौजूदगी पर सवाल उठाने लगे हैं। खबरों के मुताबिक, संगठन के अंदर यह अफवाह फैली हुई है कि मसूद अजहर बहुत गंभीर रूप से बीमार हैं और शायद जिंदगी की आखिरी सांसें गिन रहा हैं। ऐसे में जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष नेतृत्व के बीच वर्चस्व की जंग छिड़ गई है। बताया जा रहा है कि कई आतंकी बगावत पर उतर गए हैं। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, मसूद अजहर की पहचान एक जोशीले और उग्र भाषण देने वाले नेता के रूप में रही है। उसके भाषण और आक्रामक रणनीतियां ही संगठन के लोगों को प्रेरित करती थीं। लेकिन अब उसमें वह ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता नजर नहीं आ रही, जिससे संगठन के भीतर निराशा बढ़ रही है। भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मसूद अजहर ने अपने कई करीबी परिवार के सदस्यों को खोया, जिससे वो गहरे सदमे में हैं। इसके बाद से उसने खुद को लगभग पूरी तरह अलग-थलग कर लिया है। पहले वो रोजाना अपने संगठन के लोगों से मिलता था और नए भर्ती होने वालों से बातचीत भी करता था, लेकिन अब ऐसा बिल्कुल नहीं हो रहा है। हालांकि, भारतीय एजेंसियों का कहना है कि मसूद अजहर की हालत इतनी गंभीर नहीं है, लेकिन वो शारीरिक रूप से कमजोर हैं और मानसिक रूप से भी काफी टूट चुका है। अधिकारियों के अनुसार, आतंकी संगठन की शीर्ष नेतृत्व जानबूझकर उसे छिपाकर रख रही है, ताकि उसकी कमजोर हालत के बीच आम सदस्यों से उससे दूर रखा जा सके। मसूद अजहर के सलामती के लिए की जा रहीं दुआएं संगठन के भीतर उसके स्वास्थ्य के लिए लगातार दुआएं की जा रही हैं। कई जगहों पर प्रार्थना सभाएं आयोजित हो रही हैं, जिससे उनके बीमार होने की खबरों को और बल मिला है। वहीं, कुछ सदस्यों को शक है कि संगठन का नेतृत्व उससे जुड़ी कोई बड़ी सच्चाई छिपा रहा है। वहीं, संगठन में भर्ती प्रक्रिया अभी भी जारी है, लेकिन पहले के मुकाबले काफी धीमी हो गई है। पहले नए सदस्यों के लिए मसूद अजहर से मिलना बहुत बड़ी बात होती थी, लेकिन अब उससे मुलाकात नहीं हो पा रही। इससे नए और पुराने दोनों तरह के सदस्यों में असंतोष बढ़ रहा है। विनोद उपाध्याय / 24 अप्रैल, 2026