25-Apr-2026
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रायगढ़ (ईएमएस)। साइबर पुलिस ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने राजस्थान के भीलवाड़ा से पांच आरोपियों राहुल व्यास, रविराज सिंह, आरती राजपूत, संजय मीणा और गौरव व्यास—को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया है। मामला फरवरी 2026 का है, जब केसर परिसर निवासी सेवानिवृत्त विद्युत विभाग के अधिकारी नरेंद्र ठाकुर को पहले एक महिला ने टेलीकॉम अधिकारी बनकर कॉल किया। इसके बाद कॉल को कथित पुलिस और सीबीआई अधिकारियों से जोड़ा गया। वीडियो कॉल पर वर्दी में दिखे आरोपी ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाया और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी। ठगों ने जांच के नाम पर पैसा वापस करने का झांसा देकर 30 जनवरी से 11 फरवरी के बीच पीड़ित से 36,97,117 रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। गिरोह रकम को एक खाते में रखने के बजाय कई खातों में तेजी से ट्रांसफर करता था, जिसे “लेयरिंग” कहा जाता है, ताकि ट्रेसिंग मुश्किल हो सके। जांच में सामने आया कि गिरोह देशभर में करीब 1.40 करोड़ रुपए की साइबर ठगी में शामिल रहा है। एक आरोपी के खाते में ही लगभग 60 लाख रुपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं। पुलिस ने सभी संबंधित बैंक खातों को सीज कर दिया है। साइबर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर कार्रवाई करते हुए भीलवाड़ा में दबिश दी, जहां से सबसे पहले मास्टरमाइंड राहुल व्यास (बंधन बैंक कर्मचारी) को पकड़ा गया। पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार गिरोह में रकम का बंटवारा तय प्रतिशत के आधार पर होता था। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। - (ईएमएस) 25 अप्रैल 2026