बीजिंग,(ईएमएस)। चीन अपनी नौसैनिक शक्ति को अभूतपूर्व गति से बढ़ाने में जुटा है। हाल ही में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी के 77वें स्थापना दिवस पर जारी एक प्रोमोशनल वीडियो ने वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों के बीच हलचल मचा दी है। टाइप 004 कहा जाने वाला यह सुपरकैरियर डालियान शिपयार्ड में निर्माणाधीन है। लगभग 1,10,000 से 1,20,000 टन वजन वाले इस जहाज पर 100 से अधिक लड़ाकू विमान तैनात किए जा सकेंगे। इस वीडियो में चीन ने अपने चौथे एयरक्राफ्ट कैरियर के संबंध में कुछ ऐसे संकेत दिए हैं, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि यह चीन का पहला न्यूक्लियर पावर्ड (परमाणु ऊर्जा से चलने वाला) युद्धपोत होगा। चीन अपनी समुद्री सीमाओं को सुरक्षित करने और वैश्विक संसाधनों पर दबदबा बनाने के लिए इस विशालकाय जहाज को तैयार कर रहा है। इसमें लगे ट्विन रिएक्टर्स इसे असीमित रेंज प्रदान करेंगे, जिससे यह बिना ईंधन भरे सालों तक समुद्र में रह सकेगा। अमेरिकी गेराल्ड आर फोर्ड क्लास की तर्ज पर इसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापोल्ट्स सिस्टम भी होगा, जिससे जे-35 जैसे आधुनिक विमानों को तेजी से लॉन्च किया जा सकेगा। 2035 तक 9 एयरक्राफ्ट कैरियर उतारने का लक्ष्य चीन को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक निर्णायक शक्ति बना सकता है, जो सीधे तौर पर अमेरिकी प्रभुत्व को चुनौती देगा। वीडियो में चार पीढ़ियों के नौसैनिकों को दिखाया गया है, जिसके अंत में एक ईस्टर एग के जरिए ताइवान के एकीकरण की ओर सीधा इशारा किया गया है। वीडियो में श्याओ वान नाम का एक छोटा बच्चा घर वापस नहीं आना चाहता, जिसे ताइवान के रूपक के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। यह चीन के आक्रामक इरादों को स्पष्ट करता है कि वह ताइवान को मिलाने के लिए शक्ति प्रयोग से पीछे नहीं हटेगा। वीडियो में छिपे संकेतों की बात करें तो इसमें पुराने तीन कैरियर लियाओनिंग, शेडोंग और फुजियान के नाम वाले अधिकारियों के साथ हे जियान नामक एक 19 वर्षीय रंगरूट को दिखाया गया है। मंदारिन भाषा में हे जियान का उच्चारण परमाणु जहाज से मिलता-जुलता है। चूंकि चीन के वर्तमान तीनों कैरियर (नंबर 16, 17 और 18) पारंपरिक ईंधन से चलते हैं, इसलिए 19 साल के रंगरूट का अर्थ अगले जहाज संख्या 19 से जोड़ा जा रहा है, जो परमाणु शक्ति से लैस हो सकता है। वीरेंद्र/ईएमएस 26 अप्रैल 2026