नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय परंपरा में स्वच्छता को हमेशा विशेष महत्व दिया गया है और यह माना जाता है कि जिस घर में नियमपूर्वक और सही तरीके से सफाई होती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का निरंतर प्रवाह बना रहता है। घर की साफ-सफाई केवल एक दैनिक कार्य नहीं है, बल्कि यह पूरे घर के वातावरण और वहां निवास करने वाले सदस्यों की मानसिक स्थिति से गहरा संबंध रखती है। हालांकि, कई बार हम अनजाने में कुछ ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैं जो घर के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। इसलिए साफ-सफाई से जुड़े सही समय और नियमों की समझ अत्यंत आवश्यक है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की सफाई के लिए सुबह का समय, विशेषकर सूर्योदय के बाद, सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इस दौरान जब घर में झाड़ू और पोछा लगाया जाता है, तो इससे वातावरण में ताजगी आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। यह समय घर में सुख-शांति और नई शुरुआत का प्रतीक होता है। इसके विपरीत, शाम या रात के समय झाड़ू लगाना शुभ नहीं माना जाता है, क्योंकि ऐसा करने से घर की सकारात्मक ऊर्जा कमजोर पड़ सकती है, जिससे आर्थिक या मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अतः दैनिक सफाई सुबह के समय ही पूरी कर लेनी चाहिए। झाड़ू का सही स्थान भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उसका उपयोग। कई लोग सुविधा के लिए झाड़ू को दरवाजे के पास या खुले स्थान पर रख देते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार यह उचित नहीं है। झाड़ू को हमेशा ऐसी जगह रखना चाहिए जहाँ वह सीधे नजर में न आए। विशेष रूप से इसे घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना जाता है, क्योंकि यह घर में स्थिरता और समृद्धि बनाए रखने में सहायक होता है। खुले में रखी झाड़ू घर में तनाव और विवाद को बढ़ा सकती है। घर का मुख्य द्वार ऊर्जा के प्रवेश का मुख्य मार्ग होता है। यदि वहाँ कूड़ा या गंदगी जमा रहती है, तो यह सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश में बाधा बन सकती है। कई बार सफाई के बाद कूड़े को अस्थायी रूप से दरवाजे के पास रख दिया जाता है, लेकिन यह आदत धीरे-धीरे नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। इसलिए कूड़े को तुरंत घर से बाहर निर्धारित स्थान पर ही डालना आवश्यक है, जिससे स्वच्छता बनी रहे और घर का वातावरण सकारात्मक रहे। फर्श साफ करने के बाद गीले पोछे को किसी कोने में छोड़ देना एक आम आदत है, लेकिन यह घर में नमी और दुर्गंध को बढ़ा सकती है। वास्तु के अनुसार, गीला पोछा नकारात्मक ऊर्जा को भी आकर्षित करता है। इसलिए पोछा लगाने के बाद उसे अच्छी तरह धोकर सुखाना चाहिए, जिससे घर में स्वच्छता बनी रहे और वातावरण भी ताजा महसूस हो। वास्तु शास्त्र में सप्ताह के कुछ दिनों का भी विशेष महत्व बताया गया है। उदाहरण के लिए, गुरुवार को पोछा लगाने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह दिन सुख और समृद्धि से जुड़ा माना जाता है। वहीं, शुक्रवार को घर की साफ-सफाई और सजावट के लिए उपयुक्त दिन माना जाता है। ये मान्यताएँ केवल परंपराएँ नहीं, बल्कि एक अनुशासित जीवनशैली का हिस्सा हैं, जो घर को व्यवस्थित और सकारात्मक बनाए रखती हैं। सुदामा/ईएमएस 26 अप्रैल 2026