चंडीगढ़/नई दिल्ली (ईएमएस)। पंजाब की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर कथित असंतोष और नेताओं के बयानों ने भगवंत मान सरकार के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत सात सांसदों के भाजपा में शामिल होने की खबरों और दावों के बाद विपक्षी दलों ने यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया है। कांग्रेस और अन्य नेताओं के बयानों ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है। कांग्रेस नेता उदित राज ने दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी आप को सचेत रहने की सलाह देते हुए संकेत दिए कि पार्टी के भीतर असंतोष गहराता जा रहा है। जयहिंद सेना प्रमुख नवीन जयहिंद ने तो यह तक कह दिया कि आप के करीब 27 विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं, जिससे सरकार की स्थिरता पर असर पड़ सकता है। इन तमाम दावों के बीच आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन्होंने “पंजाब के हित” में लिया है। साहनी के अनुसार, पार्टी के भीतर लंबे समय से मतभेद चल रहे थे, खासकर राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे नेताओं को साइडलाइन किए जाने से असंतोष बढ़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व ने कई महत्वपूर्ण सुझावों को नजरअंदाज किया और पंजाब से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखाई। साहनी ने यह भी कहा कि उन्होंने पार्टी छोड़ने से पहले अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी और उन्हें संभावित घटनाक्रम के बारे में आगाह किया था। उनका दावा है कि पार्टी में केंद्र और राज्य के बीच तालमेल बनाने की कोशिशें भी नाकाम रहीं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी का फोकस दीर्घकालिक योजनाओं के बजाय केवल चुनावी राजनीति तक सीमित रह गया है। हालांकि, इन सभी दावों के बावजूद अभी तक आप की ओर से विधायकों के बड़े पैमाने पर टूट की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में सरकार गिराने के लिए विपक्ष को स्पष्ट बहुमत की जरूरत होगी, जो फिलहाल आंकड़ों के लिहाज से आसान नहीं दिखता। फिलहाल यह पूरा घटनाक्रम दावों और आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है, लेकिन इससे यह साफ है कि पंजाब की राजनीति में अस्थिरता की आशंका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।