राष्ट्रीय
26-Apr-2026
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राजनीतिक गलियारों में चर्चा, क्या ममता बनर्जी का मनोबल टूट रहा कोलकाता,(ईएमएस)। वेस्ट बंगाल विधानसभा चुनाव में सबसे हाई प्रोफाइल सीट भवानीपुर के लिए चल रही ज़ोरदार लड़ाई अपने चरम पर पहुंच चुकी है। यहां तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त झड़प हुई। मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रत्याशी ममता बनर्जी झड़प को लेकर इतनी नाराज हो गईं कि वे अपनी जनसभा संबोधन चंद मिनट में खत्म कर चली गईं। दूसरी ओर बीजेपी प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी ने ममता की नाराजगी पर केवल इतना कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता केवल अपनी जनसभा की तैयारी कर रहे थे। इसमें किसी को इतना नाराज होने की क्या बात है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या ममता बनर्जी का मनोबल टूट रहा है। यह घटना 29 अप्रैल की अहम वोटिंग तारीख से कुछ ही दिन पहले हुई, जब भवानीपुर सीट के दो मुख्य प्रत्याशी मुख्यमंत्री ममता और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी एक-दूसरे से कुछ ही दूरी पर अपनी-अपनी जनसभाएं कर रहे थे। यह तनाव भवानीपुर की लड़ाई में बड़ा मोड़ माना जा रहा है। यह वह सीट है जिस पर बनर्जी 2011 से काबिज हैं, लेकिन बीजेपी ने इस सीट पर 2026 के विधानसभा चुनावों में अपना सबसे बड़ा निशाना बनाया है। परेशानी की शुरुआत तब हुई, जब मुख्यमंत्री ममता ने अचानक अपना भाषण खत्म किया और मंच से नीचे उतर गई। ममता बनर्जी ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि उन्होंने जान-बूझकर अधिकारी के पास वाले कार्यक्रम स्थल पर तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर लगाए, ताकि उनके भाषण की आवाज दब दी जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जान-बूझकर उनकी रैली में रुकावट पैदा की गई। उनके जाने के बाद, भड़के हुए टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बीजेपी की रैली वाली जगह की ओर बढ़ चले। दोनों गुट आमने-सामने आ गए और ‘जय बांग्ला’ और ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ एक-दूसरे पर हमलावार हो गए। नेता प्रतिपक्ष और टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी 2021 के चुनाव में नंदीग्राम में ममता को हरा चुके हैं। इस बार शुभेंदु नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों जगहों से चुनाव लड़ रहे हैं। वे लगातार दावा कर रहे हैं कि वह ममता को भवानीपुर में भी हराएंगे। इस झड़प के बाद शुभेंदु अधिकारी अपने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। बीजेपी नेता अधिकारी ने कहा, ‘हम इसका करारा जवाब दे रहे हैं। यह गुंडा राज है, जंगल राज है। हम इस गुड़ाराज को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। टीएमसी जो कुछ भी करेगी, उसका उल्टा असर उसी पर पड़ेगा। बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड तोड़ 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई है। आयोग ने कहा कि पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को 16 जिलों के 152 विधानसभा क्षेत्रों में हुआ, जिसमें कुल 3.61 करोड़ मतदाताओं में से 3.36 करोड़ ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग के बाद से ममता कुछ ज्यादा ही अग्रेसिव हुई हैं। वोटिंग के अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब कोलकाता की हुगली नदी में नौका विहार किया, तब इस बात पर ममता नाराज दिखीं। वह गंगा ऊर्फ हुगली को बंगालियों का बताने लगीं। अब भवानीपुर में जिस तरह से जनसभा को छोड़कर भाग गईं इस लेकर काफी बातें शुरू हुई हैं। सत्ताधारी दल की सबसे बड़ी नेता का केवल लाउडस्पीकर के शोर शराबे के चलते रैली छोड़कर भागने की घटना का तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के मनोबल पर क्या असर होगा, यह समझा जा सकता है। इस घटना को टीएमसी पर बीजेपी की मनोवैज्ञानिक जीत के रूप में भी देखा जा रहा है। दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस की तरफ से किसी भी बड़े नेता का बंपर वोटिंग तुरंत से कोई सकारात्मक बयान नहीं आया। पहले चरण की वोटिंग की शाम में ममता बनर्जी ने कहा ‘उन्हें कुर्सी नहीं चाहिए। आशीष दुबे / 26 अप्रैल 2026