आने-जाने वाले लोगों का डेटाबेस तैयार किया जाएगा नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत से नेपाल जाते हुए बॉर्डर पर तैनात नेपाली आई पुलिस फोर्स (एपीएफ) 100 नेपाली रुपये यानी 62 रुपये से अधिक का सामान ले जाने पर लोगों से कस्टम डयूटी वसूल रही है। वहीं, भारत की ओर से भी भारत-नेपाल आने-जाने वाले लोगों का डेटाबेस रखने के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) शुरू किया जा रहा है। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तहत भारत-नेपाल के 22 बॉर्डर पाइंट में से उत्तर प्रदेश में महराजगंज जिले में आने वाले प्रमुख सोनौली बॉर्डर से शुरू हो रहा है। नेपाल की ओर से, खाने-पीने सहित तमाम तरह की चीजों में किस पर कितनी कस्टम ड्यूटी वसूली जाएगी। इसकी 659 पेज की लिस्ट जारी की गई है। सूत्रों ने बताया कि इस सिस्टम के तहत सड़क मार्ग से नेपाल से भारत आने वाले और भारत से नेपाल जाने वाले तमाम लोगों के फोटो खींचे जाएंगे। इससे जब भी वह दुबारा दोनों देशों में आना-जाना करते हैं, तब उनकी यात्री की तमाम हिस्ट्री भारत सरकार के पास होगी। जिस तरह से बीते कुछ दिनों से लोगों को भारत से नेपाल जाने में परेशानी हो रही है। उस तरह की परेशानी लोगों को नेपाल से भारत आने में नहीं हो रही। भारतीय बॉर्डर पर तैनात एसएसबी यहां पहले की तरह की डयूटी कर रही है। जिसमें लोगों की पहले की तरह ही जांच कर उन्हें आने-जाने दिया जा रहा है। आशीष दुबे / 26 अप्रैल 2026