मुम्बई (ईएमएस)। आईपीएल में शानदार बल्लेबाजी कर रहे सनराइजर्स हैदराबाद के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने कहा है कि जब उन्हें साल 2024 में राष्ट्रीय टीम से बाहर कर दिया गया था। तब भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी थी और वह लगातार अभ्यास करते रहे। ऐेसे में टीम से करीब दो साल तक बाहर रहने के बाद भी वह वापसी में सफल रहे। ईशान के अनुसार टीम से बाहर रहने के दौरान उन्होंने हताश होने की जगह पर अपने खेल को बेहतर बनाने और निरंतरता हासिल करने पर ध्यान दिया। इसी प्रतिबद्धता के बल पर उन्होंने इस साल न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला और आगामी टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में अपनी जगह मिली। किशन ने अपनी वापसी का श्रेय घरेलू सत्र में शानदार प्रदर्शन को दिया, जहां उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 500 से अधिक रन बनाए और अपनी कप्तानी में झारखंड को प्रतियोगिता का खिताब भी जिताया। उन्होंने कहा, जब मैं भारतीय टीम से बाहर था, तो मैंने खुद से कहा कि मैं इसको लेकर रोना नहीं रो सकता या उदास नहीं हो सकता। किसी भी खिलाड़ी के लिए ऐसा करना सबसे आसान होता है। इससे शायद कुछ लोगों की सहानुभूति मिल जाए, शायद आपको अच्छा भी लगे, लेकिन इससे कुछ हासिल नहीं होगा। उन्होंने आगे जोर दिया, राष्ट्रीय टीम में वापसी करने का एकमात्र तरीका रन बनाना था। मैं बस अपने खेल में सुधार करना चाहता था और जितना हो सके उतने रन बनाना चाहता था, भले ही इसका मतलब किसी भी अन्य बल्लेबाज से ज्यादा छक्के लगाना हो। किशन ने बताया कि राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने के दौरान खेल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और भी बढ़ गई। इसी लगन ने उन्हें घरेलू क्रिकेट में लगातार ढेरों रन बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, लगातार रन बनाने से ही आप टीम में वापसी कर सकते हैं। यदि एक सत्र में 300 रन काफी नहीं हैं तो 400 रन बनाएं। अगर यह भी काफी नहीं है तो 500 रन बनाएं। आखिर क्रिकेट ही हमारी आजीविका का साधन है। विकेटकीपर बल्लेबाज ने अपनी मानसिकता साझा करते हुए कहा, जब आप टीम से बाहर होते हैं तो आपको इसकी अहमियत समझ आती है और आप हर मैच का सम्मान करने लगते हैं। आपके अंदर अच्छा प्रदर्शन करने और जीत हासिल करने की ललक जाग उठती है। मेरा भी यही लक्ष्य था कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूं। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने के अपने अनुभव पर किशन ने कहा कि इससे उन्हें पारी को गति देने और आखिर तक बल्लेबाजी करने का आत्मविश्वास मिला है। गिरजा/ईएमएस 27 अप्रैल 2026