राज्य
27-Apr-2026
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मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एक धोखाधड़ी मामले की जांच शुरू की है, जिसमें 58 निवेशकों से करीब 10.3 करोड़ रुपये ठगे जाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने निवेशकों को हर महीने 2 प्रतिशत रिटर्न का लालच देकर फंसाया। आशंका है कि आगे और शिकायतें आने पर ठगी की रकम बढ़ सकती है। यह मामला 30 मार्च को बोरीवली के एमएचबी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, जिसे बाद में ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, मलाड निवासी मनीष शाह और उनके परिवार ने करीब 3 करोड़ रुपये निवेश किए थे। उन्हें लगभग 1.1 करोड़ रुपये रिटर्न के रूप में मिले, लेकिन बाकी रकम आरोपियों ने वापस नहीं की। इस मामले में पुलिस ने दो फर्म थानावाला वेल्थ मैनेजमेंट और थानावाला इन्वेस्टमेंट के मालिकों और दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिन्होंने निवेशकों को इस स्कीम से जोड़ा था। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 2019 से मार्च 2026 के बीच कई तरह की निवेश योजनाएं चलाईं। एक योजना में हर महीने 2 प्रतिशत गारंटीड रिटर्न का वादा किया गया। दूसरी योजना में प्री-आईपीओ शेयर खरीदने का लालच दिया गया, जिससे भविष्य में मुनाफा होने की बात कही गई। जबकि तीसरी योजना सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) से जुड़ी थी। पुलिस ने बताया कि कुछ निवेशकों को डिमैट अकाउंट में शेयर नहीं मिले, लेकिन लगातार फॉलोअप करने पर उन्हें पैसा वापस मिल गया। वहीं, कई निवेशकों को न तो शेयर मिले और न ही उनकी रकम वापस हुई। इस मामले की जांच संयुक्त पुलिस आयुक्त निशीथ मिश्रा, डीसीपी संग्राम निशांदर, वरिष्ठ निरीक्षक दत्तात्रय बकारे और निरीक्षक संदेश मांजरेकर की टीम कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आईटी एक्ट, महाराष्ट्र प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स (एमपीआईडी) एक्ट और प्राइज़ चिट्स और धन परिचालन योजनाएँ (प्रतिषेध) अधिनियम, 1978 के तहत केस दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि ये कंपनियां भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड में रजिस्टर्ड नहीं थीं और फिर भी आम लोगों से पैसा जुटा रही थीं। संजय/संतोष झा- २७ अप्रैल/२०२६/ईएमएस