व्यापार
28-Apr-2026


- आरबीआई के नए ‎नियम जुलाई से लागू होंगे, जुलाई 2028 तक विदेशी डेरिवेटिव डेटा की रिपोर्टिंग अनिवार्य नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपये की स्थिरता सुनिश्चित करने और विदेशी मुद्रा बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब विदेशी बाजारों में होने वाले रुपये से जुड़े डेरिवेटिव सौदों पर भी उसकी सीधी निगरानी रहेगी। यह कदम रुपये की ग्लोबल ट्रेडिंग को मजबूत करने और उसकी वास्तविक कीमत बेहतर ढंग से तय करने के मकसद से उठाया गया है। नए नियमों के तहत, नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड (एनडीएफ) जैसे विदेशी रुपये-आधारित डेरिवेटिव अनुबंध भी RBI के दायरे में आ जाएंगे। अब तक निगरानी केवल घरेलू बाजार तक सीमित थी, लेकिन अब विदेशी लेन-देन भी शामिल होंगे। आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे अपने समूह और विदेशी सहयोगी कंपनियों के सभी महत्वपूर्ण ऑफशोर लेनदेन की विस्तृत जानकारी, जैसे मूल्य, परिपक्वता और काउंटरपार्टी, आरबीआई को दें। इससे रुपये पर दबाव के स्रोतों और संभावित जोखिमों को समझने में मदद मिलेगी। यह नई व्यवस्था जुलाई 2027 से चरणबद्ध तरीके से लागू होगी और जुलाई 2028 तक अधिकांश विदेशी डेरिवेटिव डेटा की रिपोर्टिंग अनिवार्य हो जाएगी, जिससे पूरा सिस्टम पारदर्शी बनेगा। छोटे लेन-देन और बैक-टू-बैक सौदों को रिपोर्टिंग से छूट दी गई है। सतीश मोरे/28अप्रैल ---