राष्ट्रीय
28-Apr-2026
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-पीएम मोदी के नेतृत्व ने भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को आगे बढ़ाने में निभाई अहम भूमिका नई दिल्ली,(ईएमएस)। न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा कि पीएम मोदी और क्रिस लक्सन के मजबूत नेतृत्व ने भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को तेजी से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है और इससे दोनों देशों के बीच रिकॉर्ड 9 महीनों में डील पूरी हो सकी है। एक इंटरव्यू में मैक्ले ने कहा कि पीएम मोदी और पीएम लक्सन ने दुनियाभर में हुई मुलाकातों के जरिए मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित किए हैं। पिछले साल, पीएम लक्सन ने न्यूजीलैंड के किसी भी प्रधानमंत्री द्वारा किसी भी देश में ले जाए गए अब तक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत का दौरा किया था। उन्होंने आगे कहा कि सरकारों ने बातचीत के लिए अपना काम कर दिया है, अब बिजनेस जगत को आगे आना चाहिए और हम उन्हें समर्थन देना जारी रखेंगे। मैक्ले ने आगे कहा कि वे भारत में और ज्यादा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल लाएंगे ताकि संबंध मजबूत हो सकें, और भारतीय व्यवसायों को भी न्यूजीलैंड का दौरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों द्वारा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल आयोजित किए जा सकते हैं। अंततः व्यवसायों को इस समझौते को अपनाकर अवसरों की तलाश करनी चाहिए। मेरा मानना ​​है कि ये अवसर अहम होंगे। उन्होंने कहा कि वे न्यूजीलैंड में पीएम मोदी की मेजबानी के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने बताया कि भारत और न्यूजीलैंड दुनिया के दो सच्चे लोकतंत्र हैं, भारत सबसे बड़ा और न्यूजीलैंड सबसे पुराने लोकतंत्रों में से एक है। क्रिकेट के मजबूत संबंध पर प्रकाश डालते हुए मंत्री मैक्ले ने कहा कि इस साल भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल सहयोग के 70 साल पूरे हो रहे हैं, जो सराहनीय है। मैक्ले ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि पीएम मोदी, न्यूजीलैंड में आपका स्वागत है। अपनी क्रिकेट टीम को भी साथ लाएं, हमें एक और मैच देखना बहुत पसंद आएगा! सिराज/ईएमएस 28अप्रैल26

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राष्ट्रीय फोटो - टीएमसी और बीजेपी चुनाव चिंह फैलादी सट्टा बाजार में दीदी की वापसी, जबकि भविष्यवाणी मंच में बीजेपी को बढ़त कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माया हुआ है। पहले चरण का मतदान पूरा हो चुका है और दूसरे चरण के मतदान की तैयारियां जोरों पर हैं। इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यहीं है कि राज्य की सत्ता इस बार किसके हाथ में जाएगी। क्या सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस अपनी पकड़ बनाए रख पाएगी या बीजेपी इतिहास रचते हुए सत्ता परिवर्तन करेगी? हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बीच महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि भारतीय निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार सभी चरणों के मतदान समाप्त होने से पहले किसी भी प्रकार के एग्जिट पोल या सर्वे जारी करना प्रतिबंधित है। चुनाव आयोग ने 9 से 29 अप्रैल शाम 6:30 बजे तक इस पर सख्त रोक लगाई है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126ए के तहत यह प्रतिबंध कानूनी रूप से लागू है और उल्लंघन करने पर सजा का प्रावधान भी है। मुख्यधारा की मीडिया संस्थाए