क्षेत्रीय
28-Apr-2026
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- एक कौम का कई बच्चे पैदा करना संकट खड़ा कर रहा है, मसूद सब जानते हो, बम बनाना भी जानते हो-रामेश्वर - यह मुसलमानों को निशाना बनाने की कोशिश, बम बनाने का काम उनका ही हो सकता है, मैं तो ऐसा नहीं कर सकता-मसूद भोपाल(ईएमएस)। मध्य प्रदेश में यूसीसी को लेकर राजनीतिक गलियारो में भी हलचल तेज हो गई है। इसे लेकर राजधानी में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के बीच तीखी बयानबाजी सामने आई है। भाजपा विधायक ने बढ़ती जनसंख्या को देश की बड़ी समस्या बताते हुए यूसीसी का समर्थन किया है। वहीं कांग्रेस विधायक का कहना है, कि यूसीसी लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश है, और सरकार मुसलमानों को निशाना बना रही है। - 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता के संबंध में अध्ययन और परीक्षण के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति में शिक्षाविद, कानूनविद और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के संकेतों के बाद यह मुद्दा कानून की सीमा से निकलकर जनसंख्या, धर्म और सरकार की मंशा तक जा पहुंचा है। - रामेश्वर शर्मा ने किया यूसीसी का खुलकर समर्थन भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने यूसीसी का खुलकर समर्थन करते हुए कहा की कहा कि देश में जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है, और यह एक बड़ी चिंता का विषय है। एक कौम में 5 बीवी और 25 बच्चे पैदा करना संकट खड़ा कर रहा है, यूसीसी लागू होने से इस तरह की समस्याओं पर नियंत्रण लगेगा। वहीं उन्होने एक बार फिर कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा की जब सबको शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं का फायदा एक जैसा मिलता है, तो कानून भी एक जैसा होना चाहिए। हम दो हमारे दो के नारे को याद दिलाते हुए कहा कि सभी को यूसीसी का समर्थन करना चाहिए। रामेश्वर शर्मा ने आगे की कहा कि आरिफ मसूद भी कान खोलकर सुन लें तुम तो पढ़े लिखे हो, सब जानते हो, बम बनाना भी जानते हो, आदिवासियों से अपनी तुलना न करें, अगर इसी तरह आबादी बढ़ती रही तो कब्रिस्तान में जगह भी नहीं बचेगी। - आरिफ मसूद ने किया पलटवार कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने रामेश्वर शर्मा की बातों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने रामेश्वर शर्मा के बम वाले बयान पर कहा कि ये वो बताएं कि उनके साथ ही बम बनाया होगा, मैं तो ऐसा नहीं कर सकता ये काम उनका ही हो सकता है। आरिफ मसूद ने आगे कहा की प्रदेश में लोग गैस और खाद जैसी बुनियादी जरूरतों से जूझ रहे हैं। इन असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए सरकार यूसीसी का मुद्दा उठा रही है। कॉग्रेंस विधायर ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि यह एक खास समुदाय यानि मुसलमानों को निशाना बनाने की कोशिश है। यदि आदिवासी और दूसरे समुदायों को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा जाता है, तो इसे यूनिफॉर्म यानि एक समान कानून कैसे कहा जाएगा। उनका तर्क था, कि जो कानून सब पर एक जैसा लागू नहीं होता, वह समानता का दावा नहीं कर सकता। - पहले भी हो चुकी है भिड़ंत यह पहली बार नहीं है जब रामेश्वर शर्मा और आरिफ मसूद आमने-सामने आए हों। इससे पहले भी हिजाब, धार्मिक जुलूस, अतिक्रमण और स्थानीय विवादों जैसे मामलों में भी दोनों नेता पहले भी बयानबाजी कर आपस में भिड़ चुके हैं। आरिफ मसूद अक्सर अल्पसंख्यकों, वक्फ और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दों पर मुखर रहते हैं, तो वहीं रामेश्वर शर्मा जनसंख्या नियंत्रण और यूसीसी जैसे विषयों पर हमेशा आगे रहते हैं। जुनेद / 28 अप्रैल