- नई शिक्षा नीति में बदला कोर्स, बाजार में किताबें नहीं; अभिभावकों ने कहा- छपाई पूरी होने के बाद ही लागू करें नया पाठ्यक्रम - एनसीईआरटी की नई किताबें अभी तक बाजार में उपलब्ध नहीं हुई शिवपुरी (ईएमएस)। शिवपुरी जिले में शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू हो चुका है। स्कूलों में कक्षाएं नियमित रूप से लग रही हैं और बच्चे रोजाना स्कूल पहुंच रहे हैं। लेकिन कक्षा 9 के छात्रों और अभिभावकों के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा 9 का कोर्स बदला गया है, मगर एनसीईआरटी की नई किताबें अभी तक बाजार में उपलब्ध नहीं हुई हैं। बिना किताबों के पढ़ाना चुनौती बना- कई शिक्षकों का कहना है कि बिना किताबों के पढ़ाना चुनौती बन गया है। नया पाठ्यक्रम पुराने से काफी अलग है, इसलिए पुरानी किताबों से पढ़ाई नहीं कराई जा सकती। छात्रों को फिलहाल ब्लैकबोर्ड, नोट्स और फोटोकॉपी के सहारे पढ़ाया जा रहा है। इससे पढ़ाई की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। अभिभावक बोले- सत्र शुरू होने के बाद भी किताबें न मिलना लापरवाही- अभिभावकों ने सरकार और एनसीईआरटी प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब कोर्स में बदलाव किया जा रहा था, तो पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि किताबें समय पर छपकर छात्रों तक पहुंच जाएं। सत्र शुरू होने के बाद भी किताबें न मिलना लापरवाही है। एक अभिभावक ने बताया, बच्चा रोज स्कूल जाता है, लेकिन बैग खाली रहता है। शिक्षक जो पढ़ाते हैं, बच्चा घर आकर दोहरा नहीं पाता। बिना किताब के रिवीजन कैसे होगा? आधी-अधूरी तैयारी से छात्रों का ही नुकसान- कई अभिभावकों का सुझाव है कि अगर किताबों की छपाई पूरी नहीं हुई थी तो नया कोर्स एक साल बाद लागू करना चाहिए था। आधी-अधूरी तैयारी से छात्रों का ही नुकसान हो रहा है। शहर के बुक डिपो संचालकों ने भी माना कि कक्षा 9 की नई एनसीईआरटी किताबों की सप्लाई अब तक नहीं आई है। प्राइवेट और सरकारी दोनों स्कूलों के छात्र परेशान हैं। अभिभावकों ने मांग की है कि कक्षा 9 की बदले हुए कोर्स की किताबें जल्द से जल्द बाजार में उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। उनका कहना है कि देरी से सिलेबस पिछड़ रहा है और इसका सीधा असर अर्धवार्षिक व वार्षिक परीक्षाओं पर पड़ेगा। रंजीत गुप्ता/ईएमएस/28/04/2026