राज्य
28-Apr-2026


मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा सीखने के लिए 15 अगस्त तक अतिरिक्त समय दिया गया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने घोषणा की है कि 1 मई से 15 अगस्त तक मराठी भाषा अनिवार्यता को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अवधि में केवल मराठी भाषा न आने के कारण किसी भी चालक का लाइसेंस रद्द नहीं किया जाएगा। चालकों को भाषा सीखने के लिए पर्याप्त समय और मौका दिया जाएगा। हालांकि, 1 मई से लाइसेंस सत्यापन अभियान भी शुरू होगा। यदि मोटर वाहन कानून के नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित चालकों के परमिट या लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं। मुंबई से सटे मीरा-भाईंदर क्षेत्र में चल रही जांच के दौरान अब तक 565 ऐसे रिक्शा चालक पाए गए हैं जिन्हें मराठी भाषा नहीं आती। इसके अलावा कुछ लोगों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध तरीके से लाइसेंस लेने की आशंका जताई गई है। करीब 30 शिकायतें बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों द्वारा अवैध रूप से लाइसेंस हासिल करने को लेकर भी मिली हैं। मंत्री सरनाईक ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और दस्तावेजों की जांच तहसीलदार कार्यालय के माध्यम से की जा रही है। इस बीच बैठक में कुछ नेताओं और संगठनों ने यह चिंता भी जताई कि मराठी न बोल पाने पर सीधे लाइसेंस रद्द करना कठोर फैसला होगा और इससे कई चालकों के सामने रोज़गार का संकट पैदा हो सकता है। इसके बाद सरकार ने फैसला लिया कि जिन ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी नहीं आती, उन्हें प्रशिक्षण देकर मराठी बोलने योग्य बनाया जाएगा। विभिन्न संगठन 15 अगस्त तक अपने-अपने क्षेत्रों में चालकों को मराठी सिखाने का काम करेंगे। मंत्री सरनाईक ने कहा कि मराठी भाषा ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए अनिवार्य रहेगी, फिलहाल केवल समय सीमा बढ़ाई गई है, लेकिन मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संजय/संतोष झा- २८ अप्रैल/२०२६/ईएमएस