अंतर्राष्ट्रीय
29-Apr-2026
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-अप्रैल में तेल उत्पादन में प्रतिदिन 3 से 4 लाख बैरल की गिरावट की दर्ज मास्को,(ईएमएस)। रूस जिसकी 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था काफी हद तक अपने विशाल तेल भंडार पर निर्भर करती है, अब एक गंभीर आर्थिक संकट के मुहाने पर खड़ी है। यूक्रेन द्वारा रूसी तेल रिफाइनरियों और बंदरगाहों पर लगातार किए जा रहे ड्रोन हमलों ने रूस की इस लाइफलाइन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे देश के तेल उत्पादन में भारी गिरावट आई है। यूक्रेनी सेना ने रणनीति बदलकर रूस के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना शुरू कर दिया है, जिसके विनाशकारी परिणाम सामने आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों और अहम बंदरगाहों पर हुए ताबड़तोड़ ड्रोन हमलों ने न केवल उत्पादन क्षमताओं को क्षतिग्रस्त किया है, बल्कि तेल निर्यात में भी बाधा डाली है। अप्रैल माह में रूस के तेल उत्पादन में प्रतिदिन 3 लाख से 4 लाख बैरल की कमी आने की आशंका जताई जा रही है। यह गिरावट कोविड-19 महामारी के बाद की सबसे बड़ी गिरावट होगी, जो रूसी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है। यह सीधे तौर पर रूस की युद्ध-ग्रस्त अर्थव्यवस्था के लिए ईंधन और राजस्व की उपलब्धता को प्रभावित करेगा। रूस की सरकार इन हमलों के दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर चिंतित है, क्योंकि तेल राजस्व देश के बजट का एक बड़ा हिस्सा है और युद्ध के खर्चों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाता है। हालांकि, एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। इस बढ़ोतरी से रूस को अस्थायी रूप से कुछ राहत मिल सकती है, क्योंकि बढ़े हुए दाम आंशिक रूप से कम उत्पादन से होने वाले राजस्व घाटे की भरपाई कर सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञ इसे केवल एक अस्थायी समाधान मान रहे हैं। उनका कहना है कि यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी, खासकर यदि यूक्रेन के हमले जारी रहते हैं और रूस को अपनी क्षतिग्रस्त रिफाइनरियों की मरम्मत करने में लंबा समय लगता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण रूस के लिए उन्नत पश्चिमी तकनीक और उपकरणों तक पहुंच भी सीमित है, जिससे मरम्मत कार्य और ज्यादा जटिल हो जाता है। इस प्रकार यूक्रेन द्वारा लक्षित हमले रूस की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल रहे हैं। यह केवल एक तेल उत्पादन की समस्या नहीं, बल्कि यह रूस की युद्ध मशीन की स्थिरता और उसकी वैश्विक आर्थिक स्थिति पर एक सीधा हमला है। अब यह देखना होगा कि रूस इन आर्थिक चुनौतियों का सामना कैसे करता है और क्या यह उसकी युद्ध रणनीति को बदलने पर मजबूर करेगा। सिराज/ईएमएस 29 अप्रैल 2026