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मुंबई (ईएमएस)। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बुधवार को भारतीय रुपया 25 पैसे की गिरावट के साथ ही अब तक से सबसे निचले स्तर 94.86 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों 115 प्रति बैरल और विदेशी पूंजी के लगातार बाहर जाने के कारण रुपये पर भारी दबाव देखा गया जिससे ये नीचे आया। इसके साथ ही सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर व्यापक रुझान भी देखने को मिला, इससे भी रुपये में गिरावट रही। विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि ब्रेंट तेल की कीमत बढ़ने से भी निवेशकों का मनोबल कमजोर हुआ है। इसके अलावा मध्य पूर्व के तनाव से भी दुनिया भर के बाजारों में प्रभाव पड़ा है। जिससे भी रुपया दबाव में है। ईएमएस 29 अप्रैल 2026