राज्य
29-Apr-2026


:: 21 हजार से अधिक जल संरचनाओं को मिला नया जीवन; खंडवा, खरगोन सहित पांच जिले अव्वल :: इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान अब एक व्यापक जन-आंदोलन में तब्दील हो चुका है। जल संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और आमजन के उत्साह ने प्रदेश के जल परिदृश्य को बदलने की शुरुआत कर दी है। महज कुछ महीनों में ही अभियान के तहत 21 हजार 950 से अधिक पुरानी जल संरचनाओं को पुनर्जीवित कर उन्हें नया जीवन दिया गया है। गुड़ी पड़वा (19 मार्च) से शुरू हुआ यह अभियान 30 जून तक चलेगा। अब तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर में 39 हजार 977 खेत तालाबों का निर्माण और 59 हजार 577 कूप-रिचार्ज संरचनाएं तैयार की गई हैं। अभियान की सफलता में खंडवा, खरगोन, डिंडोरी, राजगढ़ और बालाघाट जिले सबसे आगे हैं। वहीं, नगरीय विकास के अंतर्गत बैतूल, अशोकनगर और नरसिंहपुर जैसे जिलों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। आयुक्त (मनरेगा) अवि प्रसाद ने बताया कि अभियान के लिए 6 हजार 278 करोड़ रुपये का वित्तीय लक्ष्य तय किया गया है। वर्तमान में 6 हजार 236 करोड़ रुपये की लागत से 2 लाख 44 हजार से अधिक कार्य धरातल पर चल रहे हैं। इसमें न केवल जल संरचनाओं का निर्माण हो रहा है, बल्कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग पाइप लाइनों की लीकेज सुधार और जल गुणवत्ता परीक्षण का कार्य भी निरंतर कर रहा है। यह अभियान केवल सरकारी फाइलों तक सीमित नहीं है। जन अभियान परिषद के माध्यम से प्रभात फेरियां, नुक्कड़ नाटक और दीवार लेखन द्वारा ग्राम स्तर पर जागरूकता फैलाई जा रही है। पंचायत, स्वयंसेवी संस्थाएं, महिला स्व-सहायता समूह और व्यापारी संगठन सामूहिक श्रमदान के जरिए तालाबों और बावड़ियों की सफाई में जुटे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि यह केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के लिए जल सुरक्षा का संकल्प है। प्रकाश/29 अप्रैल 2026