राज्य
01-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में चल रहे फीस घोटाले मामले में अब जांच को आगे बढ़ाते हुए जल्द ही फोरेंसिक आडिट की जाएगी। बता दें कि जिला न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव विश्वास त्रिपाठी व वित्त अधिकारी नीरज कुमार की तीन दिन पूर्व अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। पांच करोड़ रुपये फीस घोटाले मामले की शासन से बनाई गई कमेटी ने जांच में कुल 12 लोगों को आरोपित माना था और विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामला दर्ज कराया था। विश्वविद्यालय में फीस घोटाले के मामले में शासन से बनाई गई कमेटी में सीबीआई के पूर्व अधिकारी एनएन सिंह भी शामिल रहे और जांच में सामने आया कि पूर्व कुलसचिव पर रजिस्ट्रार के साथ ही आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) की शक्ति थी। वह फीस के मामले में जांच करने के साथ उसकी पूरी निगरानी कर सकते थे, लेकिन नहीं की गई। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/01/ मई/2026