राज्य
01-May-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। कॉस्मेटिक दुकानों में नियमों की अनदेखी पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ‘सही दवा-शुद्ध आहार’ अभियान के तहत औषधि विभाग की टीमों ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में दबिश देकर 21 दुकानों की जांच की। कार्रवाई के दौरान बिना लेबल वाले कॉस्मेटिक उत्पादों का स्टॉक मौके पर ही नष्ट कराया गया, जबकि कई दुकानों में रिकॉर्ड और खरीद-बिक्री व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आईं। ग्रामीण इलाकों में जांच, लापरवाही उजागर तखतपुर, गनियारी, चकरभाठा, पौंडी, बोदरी और बेहतराई-सरकंडा क्षेत्रों में तीन टीमों ने एक साथ निरीक्षण किया। दुकानों में भंडारण व्यवस्था, स्टॉक और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। कई संचालक ऐसे मिले जिनके पास खरीद के पक्के बिल तक उपलब्ध नहीं थे, जबकि नियमों की बुनियादी जानकारी भी अधूरी पाई गई। बिना लेबल प्रोडक्ट नष्ट, 6 दुकानों में कार्रवाई जांच के दौरान 6 दुकानों में ऐसे कॉस्मेटिक उत्पाद मिले जिन पर न बैच नंबर था, न निर्माण तिथि और न ही एक्सपायरी का स्पष्ट उल्लेख। ऐसे उत्पादों को उपभोक्ताओं के लिए जोखिम मानते हुए टीम ने मौके पर ही स्टॉक नष्ट करा दिया। हालांकि एक्सपायरी प्रोडक्ट नहीं मिलना एक राहत की बात रही। बिना बिल और बिना जानकारी वाला माल नहीं निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को साफ निर्देश दिए गए कि कॉस्मेटिक उत्पादों की खरीद-बिक्री केवल पक्के बिल के आधार पर ही करें और ऐसे ही उत्पाद रखें जिन पर निर्माता, बैच नंबर और अवसान तिथि स्पष्ट अंकित हो। जागरूकता भी उतनी ही जरूरी सहायक औषधि नियंत्रक ने साफ किया कि केवल कार्रवाई से समस्या खत्म नहीं होगी, उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहना होगा। बिना लेबल या संदिग्ध उत्पाद खरीदना सीधे जोखिम को न्योता देना है। मनोज राज 01 मई 2026