बुरहानपुर (ईएमएस)। बुरहानपुर में पावरलूम उद्योग गहरे संकट से गुजर रहा है। मजदूरी में पिछले तीन वर्षों से कोई वृद्धि नहीं होने के कारण सैकड़ों पावरलूम बंद हो चुके हैं। इसका सीधा असर मजदूरों पर पड़ा है, जिससे करीब 5000 परिवारों को पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा। बेहतर रोजगार और आय की तलाश में मजदूर महाराष्ट्र के इचलकरंजी और भिवंडी जैसे टेक्सटाइल हब की ओर रुख कर रहे हैं। शहर में लगभग डेढ़ लाख लोग पावरलूम उद्योग पर निर्भर हैं, जिनमें बुनकर, साइजिंग और प्रोसेसिंग से जुड़े श्रमिक शामिल हैं। महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन मजदूरी स्थिर रहने से श्रमिकों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। मजदूरों का कहना है कि कई बार मांग उठाने के बावजूद मालिकों ने वेतन नहीं बढ़ाया। इसके चलते परिवारों का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है, जिससे संकट और गहरा गया है। एसजे / 01 मई 26