राज्य
01-May-2026


* ‘नारी शक्ति वंदन’ सेमिनार में विकास भारत @2047 के विज़न पर मंथन, कई महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर सूरत (ईएमएस)| वाइब्रेंट गुजरात रिजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) के पहले दिन सूरत में “शक्ति संगम: गुजरात विकास भारत के विकास इंजन के रूप में” थीम के अंतर्गत ‘नारी शक्ति वंदन’ सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, औद्योगिक विकास और डिजिटल भविष्य में महिलाओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, उद्योग एवं खनन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ममता वर्मा, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजीव कुमार तथा रवांडा की भारत में उच्चायुक्त जैकलीन मुकांगिरा उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को शक्ति का स्रोत माना गया है और राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं, जिनमें स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में 50% और विधानसभा व लोकसभा में 33% आरक्षण जैसी व्यवस्थाएँ शामिल हैं। महसूल विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जयन्ती रवि ने कहा कि देश अब “महिला विकास” से आगे बढ़कर “महिला-नेतृत्व विकास” की दिशा में अग्रसर है, जहाँ महिलाएँ केवल लाभार्थी नहीं बल्कि विकास की प्रमुख प्रेरक शक्ति बन रही हैं। दक्षिण गुजरात चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की महिला सेल अध्यक्ष अंकिता वालंदे ने कहा कि यह सम्मेलन गुजरात को वैश्विक औद्योगिक शक्ति के रूप में स्थापित करने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने टेक्सटाइल, एआई, फार्मा और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के बढ़ते उद्यमशील योगदान को रेखांकित किया। सेमिनार में आयोजित पैनल चर्चाओं में सुरक्षा, सामाजिक सेवा, उद्यमिता और प्रशासन में महिलाओं की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया गया। वहीं दूसरी चर्चा में “सूरत में नारी शक्ति: विकसित सूरत से विकसित भारत” विषय पर एआई, डिजिटल इकोसिस्टम और ड्रोन टेक्नोलॉजी में महिलाओं की भागीदारी पर जोर दिया गया। इस अवसर पर आईपीएस अधिकारी बिशाखा जैन सहित कई विशेषज्ञों ने भी विचार साझा किए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के “5F फॉर्मूले” (फार्म टू फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन) का उल्लेख करते हुए भारत के टेक्सटाइल सेक्टर को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत बनाने पर बल दिया गया। इस दौरान रु. 6 करोड़ के निवेश के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके तहत सूरत और नवसारी में लगभग 1,000 महिलाओं को रेडीमेड गारमेंट क्षेत्र में प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जाएगा। इससे महिलाओं को औसतन रु.11,000 मासिक आय प्राप्त होने की संभावना है। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला उद्यमियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया। पूरे आयोजन ने स्पष्ट संदेश दिया कि महिला सशक्तिकरण ही विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को गति देने की सबसे मजबूत नींव है। सतीश/01 मई