राष्ट्रीय
02-May-2026


टीएमसी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के सामने चार मुख्य आपत्तियां रखीं नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा के दो चरणों में वोटिंग खत्म होने के बाद अब टीएमसी की लड़ाई चुनाव आयोग से शुरू हो चुकी है। ममता की पार्टी ने वोटों की गिनती के लिए सुपरवाइजर और सहायक के तौर पर केंद्र सरकार और पीएसयू कर्मचारियों की तैनाती को लेकर ऐतराज जताया है। इसके लिए कानूनी लड़ाई भी लड़ रही है। कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद इस मामले पर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस याचिका पर सुनवाई के लिए जस्टिस पामिदिघंतम नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की एक विशेष पीठ का गठन किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी की पैरवी वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल कर रहे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सामने चार मुख्य आपत्तियां रखी। उन्होंने दलील दी कि तैनाती के संबंध में जिला चुनाव अधिकारियों को 13 अप्रैल को नोटिस जारी किया था, लेकिन पार्टी को इसकी जानकारी 29 अप्रैल को ही मिली। इससे उसे समय पर जवाब देने का मौका नहीं मिला। सिब्बल ने अधिकारियों की इस आशंका पर भी सवाल उठाया कि मतगणना केंद्रों पर गड़बड़ी हो सकती है। उन्होंने कोर्ट से कहा कि दूसरा मुद्दा यह है कि उन्हें एक आशंका है। उन्हें लगता है कि हर बूथ पर कोई न कोई गड़बड़ी होगी। उन्हें यह जानकारी कहां से मिली? यह चौंकाने वाला है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सिब्बल ने देश की सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार के अधिकारी पहले से ही हर गिनती की मेज पर माइक्रो-ऑब्जर्वर के तौर पर मौजूद हैं। उन्होंने पूछा कि अब वे एक और केंद्र सरकार का अधिकारी क्यों चाहते हैं?” उन्होंने दलील दी कि चुनाव आयोग के अपने सर्कुलर में ही गिनती की प्रक्रिया में राज्य सरकार के अधिकारियों को शामिल करने का प्रावधान है। सिब्बल ने कहा कि सर्कुलर में खुद कहा गया है कि आपके पास राज्य सरकार का एक अधिकारी भी होना चाहिए, लेकिन वे राज्य सरकार के किसी प्रतिनिधि को नियुक्त नहीं करते। सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वह पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए वोट गिनती के सुपरवाइजर की नियुक्ति से जुड़े एक सर्कुलर का पालन करेगा। आयोग की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि 4 मई को होने वाली वोटों की गिनती राज्य सरकार के प्रतिनिधि की मौजूदगी में की जाएगी। नायडू ने कहा कि हम कह रहे हैं कि राज्य सरकार का प्रतिनिधि वहां मौजूद रहेगा। इन सब बातों से पहले भी इसका पालन किया जाएगा। सिराज/ईएमएस 02मई26