प्रत्याशी व स्थानीय संगठन के नेताओं को कुछ दिन तक अपने ही क्षेत्र में रहने के निर्देश कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद के बीच बीजेपी ने चुनाव बाद की स्थितियों से निपटने के लिए कमर कस ली है। परिणाम जो भी हों, पार्टी के निर्वाचित विधायक बिना बुलाए अपना क्षेत्र नहीं छोंड़ेंगे। स्थानीय संगठन के नेताओं को भी नतीजों के बाद कुछ दिन तक अपने ही क्षेत्र में रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि विरोधी खेमे की किसी भी तरह का संभावित हिंसा से निपटा जा सके। 2021 में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद पश्चिम बंगाल में कई हिंसक घटनाएं हुईं थी। इसी को देखते हुए बीजेपी अपने समर्थकों की सुरक्षा के लिए सतर्कता बरत रही है। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पार्टी ने नतीजे आने के बाद की स्थितियों के लिए पूरे संगठन को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। उसके निर्वाचित विधायक भी बिना बुलाए कोलकाता नहीं पहुंचेंगे। संगठन के प्रमुख लोग भी कुछ दिनों तक अपने क्षेत्रों में ही रहेंगे और सुरक्षा स्थितियों पर नजर रखेंगे। बता दें चुनाव आयोग ने भी अगले आदेश तक बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की कई क्षेत्रों में तैनाती सुनिश्चित की है। बीजेपी ने अपने नेताओं से कहा है कि नतीजे आने के बाद भी उसका वार रूम काम करेगा और वहां पर हर क्षेत्र की स्थिति के बार में जानकारी दी जा सकेगी। पार्टी नेता इस बारे में लगातार बैठकें कर भावी स्थितियों से निपटने की तैयारी कर रहे हैं। 2 मई को कोलकाता में होने वाली पार्टी की बड़ी बैठक में मुख्य मुद्दा मतगणना को लेकर रहेगा, लेकिन उसके बाद की स्थिति को लेकर भी चर्चा संभव है। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा है कि राज्य में किसी भी मतगणना केंद्र पर किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है और 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी की जा रही है। कोलकाता में गुरुवार को मतगणना केंद्रों पर जमकर हंगामा हुआ था। टीएमसी प्रवक्ता और प्रत्याशी कुणाल घोष व शशि पांजा ने धरना दिया था। वहीं, सीएम ममता बनर्जी भवानीपुर के सखावत स्कूल में बने मतगणना केंद्र में पहुंच गई थीं। सिराज/ईएमएस 02मई26